लोहे के रॉड और डंडे से पीट-पीटकर हत्या करने वाले तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा
जिला एवं सत्र न्यायालय जांजगीर का बड़ा फैसला, प्रत्येक पर ₹5-5 हजार का अर्थदंड भी लगाया

जांजगीर। जिला एवं सत्र न्यायालय जांजगीर ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश गणेशराम पटेल की अदालत ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1)/3(5) के तहत दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को उम्रकैद के साथ प्रत्येक पर 5-5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक आरोपी को अतिरिक्त 6 माह का साधारण कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, 10 मई 2025 को शाम लगभग 8:41 बजे बिर्रा थाना क्षेत्र के ग्राम सेमरिया निवासी गोविंद नारायण कश्यप ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके छोटे भाई देवी प्रसाद कश्यप पर गांव के ही कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते जानलेवा हमला कर दिया।
रिपोर्ट के मुताबिक, देवी प्रसाद कश्यप जब साप्ताहिक बाजार से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में रामेश्वर कश्यप, संजीव कश्यप, दुजराम कश्यप तथा एक अपचारी बालक ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने लोहे के रॉड और डंडों से बेरहमी से हमला किया और बीच-बचाव करने पहुंची मृतक की बहन के साथ भी मारपीट की। हमले में गंभीर रूप से घायल देवी प्रसाद कश्यप की बाद में मृत्यु हो गई।
घटना के बाद बिर्रा थाना में अपराध क्रमांक 51/2025 दर्ज कर पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 21 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध हत्या का अपराध सिद्ध माना।
न्यायालय ने मामले में आरोपी रामेश्वर कश्यप (21), संजीव कश्यप (22) और दुजराम कश्यप (40), सभी निवासी ग्राम सेमरिया, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चांपा को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1)/3(5) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई। इस प्रकरण में शासन की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक के.एन. कश्यप ने प्रभावी पैरवी की।





