अकलतरा में पानी संकट पर फूटा प्रशासन का गुस्सा, सीएमओ की कार्यप्रणाली पर कलेक्टर नाराज
कलेक्टर के निर्देश पर वार्डों में पहुंचकर अधिकारियों ने सुनी लोगों की परेशानी, पेयजल व्यवस्था सुधारने दिए सख्त निर्देश

जांजगीर-अकलतरा। अकलतरा नगर में लगातार सामने आ रही पेयजल समस्या अब प्रशासन के लिए गंभीर मुद्दा बन गई है। वार्डों में पानी की किल्लत और नागरिकों की बढ़ती शिकायतों के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले का संज्ञान लेते हुए नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की है।
खासतौर पर नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कार्यशैली को लेकर कलेक्टर ने असंतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि आम जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, एसडीएम सुमित बघेल और अन्य अधिकारियों की टीम अकलतरा पहुंची। अधिकारियों ने प्रभावित वार्डों का निरीक्षण कर पेयजल टंकियों और जलापूर्ति व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान स्थानीय नागरिकों ने पानी की अनियमित आपूर्ति और समय पर जल उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें अधिकारियों के सामने रखीं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि जलापूर्ति व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। अपर कलेक्टर ने नगर पालिका अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी वार्डों में निर्धारित समय पर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही हाल ही में खोदे गए अतिरिक्त बोरवेल को शीघ्र मुख्य पाइपलाइन से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर महोबे ने दो टूक शब्दों में कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत आवश्यकता के मामले में किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी शुरू कर दी है। साथ ही वैकल्पिक जलापूर्ति और तकनीकी सुधार के उपायों को भी तेजी से अमल में लाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि नगरवासियों को जल्द राहत दिलाने और पेयजल संकट का स्थायी समाधान निकालने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।







