प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने अधिकारियों को लगाई फटकार, मेडिकल कॉलेज-नालंदा परिसर के काम में तेजी के साथ गुणवत्ता पर जोर; बिजली कटौती और सड़कों की बदहाली पर भी नाराजगी
जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में मंत्री ओपी चौधरी ने विभागवार योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। बैठक का फोकस केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अधिकारियों को समय-सीमा, गुणवत्ता और आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर जवाबदेह बनाने पर रहा।

जांजगीर-चांपा, 20 अगस्त। जिले में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार, निर्माण की गुणवत्ता, बार-बार बाधित हो रही बिजली और बारिश में खराब हुई सड़कों को लेकर प्रभारी मंत्री एवं वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही या भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में मंत्री ओपी चौधरी ने विभागवार योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। बैठक का फोकस केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अधिकारियों को समय-सीमा, गुणवत्ता और आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण को लेकर जवाबदेह बनाने पर रहा।
बड़े प्रोजेक्ट पर मंत्री की नजर
प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज और नालंदा परिसर सहित अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को काम में तेजी लाने के साथ निर्माण में निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सतत मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए कहा कि बड़े प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों, लेकिन जल्दबाजी में गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए।
बिजली कटौती पर जताई नाराजगी
बारिश के दौरान बार-बार विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति पर मंत्री ओपी चौधरी ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बारिश के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए और बिजली बाधित होने पर शीघ्र सुधार की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
बारिश में सड़कें टूटीं तो तत्काल भरें गड्ढे
जिले में बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों और गड्ढों को लेकर भी मंत्री ओपी चौधरी ने अधिकारियों को प्राथमिकता से मरम्मत कराने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि खराब सड़कों के कारण आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी नहीं होनी चाहिए।
भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो कार्रवाई
मंत्री ओपी चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आम नागरिकों के कामों का त्वरित निराकरण प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या लापरवाही की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए और शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने तथा आम जनता की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान करने के निर्देश दिए।
पीएम आवास से महतारी वंदन तक समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और महतारी वंदन योजना की भी समीक्षा हुई। मंत्री ओपी चौधरी ने पीएम आवास की किस्तों में देरी नहीं करने और हितग्राहियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाने के निर्देश दिए।
महतारी वंदन योजना के तहत शेष हितग्राहियों की अभियान चलाकर ई-केवाईसी पूर्ण कराने को कहा गया।
पीएम सूर्यघर योजना में हितग्राहियों के घर गुणवत्तायुक्त सोलर पैनल लगाने और योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिए गए।
अवैध रेत पर सख्ती के निर्देश
बैठक में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का मुद्दा भी उठा। मंत्री ओपी चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को अवैध गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखते हुए नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा राजस्व प्रकरणों के समय-सीमा में निराकरण, आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण एवं मरम्मत में गुणवत्ता, कृषि विभाग में खाद-बीज की उपलब्धता, उद्यानिकी फसलों को बढ़ावा देने तथा ई-ऑफिस और ई-अटेंडेंस व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
बैठक में सांसद कमलेश जांगड़े, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।






