काले कागज को असली नोट बनाने का झांसा देकर 50 हजार की ठगी की कोशिश, तीन गिरफ्तार
केमिकल एक्सपर्ट बनकर रची ठगी की साजिश, ₹2.50 लाख के नोट देने का दिया लालच; सतर्कता से बची 50 हजार की ठगी

जांजगीर-चांपा, 8 अगस्त। काले कागज पर केमिकल डालकर उसे असली भारतीय मुद्रा में बदलने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को जांजगीर-चांपा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने एक व्यक्ति से 50 हजार रुपये लेकर उसके बदले 2.50 लाख रुपये मूल्य के कथित “काले कागज” और केमिकल देने का लालच दिया था।

हालांकि, प्रार्थी को संदेह होने पर पूछताछ करते ही तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलते ही साइबर टीम सक्रिय हुई और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर की सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन में साइबर थाना जांजगीर और थाना नवागढ़ पुलिस ने की।
सोशल मीडिया और कॉल के जरिए बनाते थे संपर्क
पुलिस के अनुसार आरोपी सोशल मीडिया और मोबाइल कॉल के माध्यम से लोगों से संपर्क कर खुद को केमिकल एक्सपर्ट बताते थे। इसके बाद काले कागज को विशेष केमिकल से असली नोट में बदलने का झांसा देकर मोटी रकम ऐंठने की योजना बनाई जाती थी।
50 हजार लेकर 2.50 लाख देने का दिया था लालच
थाना नवागढ़ निवासी साहिल कुमार ने पुलिस को बताया कि करीब 10 दिन पहले उसके पिता के मोबाइल पर तेरस राम महिपाल नामक व्यक्ति का फोन आया था। उसने स्वयं को केमिकल एक्सपर्ट बताते हुए दावा किया कि उसके पास ऐसा विशेष काला कागज है, जिसे केमिकल की मदद से असली भारतीय मुद्रा में बदला जा सकता है।
आरोपी ने 50 हजार रुपये के बदले 2.50 लाख रुपये मूल्य के काले कागज और केमिकल देने की बात कही। उसकी बातों में आकर प्रार्थी 6 अगस्त 2026 को गोविदा पुल के पास पहुंचा। वहां तेरस राम महिपाल के साथ शिव प्रसाद मनहर और रामरतन साहू भी मौजूद थे।
तीनों आरोपियों ने प्रार्थी से कथित काले कागज के बदले 50 हजार रुपये नगद देने की मांग की। इसी दौरान प्रार्थी को ठगी का संदेह हुआ और उसने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी। पूछताछ होते ही तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
शिकायत मिलते ही साइबर टीम ने संभाला मोर्चा
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना नवागढ़ में अपराध क्रमांक 246/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(2) एवं 61(2) के तहत अपराध कायम किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
मास्टरमाइंड का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के मुताबिक मामले का मुख्य आरोपी शिव प्रसाद मनहर पूर्व में भी नकली नोट से जुड़े मामलों में चालान हो चुका है। उसके विरुद्ध थाना जैजैपुर में 24 लाख रुपये के नकली नोट तथा रायपुर के गंज थाना क्षेत्र में 85 लाख रुपये के नकली नोट से संबंधित मामलों में कार्रवाई हो चुकी है।
आरोपियों के कब्जे से ये सामान बरामद
- सफेद प्लास्टिक डिब्बे में भरा सफेद केमिकल पाउडर
- काले रंग का केमिकल लगा हुआ नोट जैसा दिखने वाला कागज — 6 नग
- गुलाबी रंग का OPPO मोबाइल
- REDMI कंपनी का मोबाइल
- REALME कंपनी का मोबाइल
गिरफ्तार आरोपी
- तेरस राम महिपाल (34 वर्ष) — निवासी तालदेवरी, थाना बिर्रा
- रामरतन साहू (35 वर्ष) — निवासी करौवाडीह, थाना जैजैपुर
- शिव प्रसाद मनहर (36 वर्ष) — निवासी करौवाडीह, थाना जैजैपुर
पुलिस टीम की भूमिका सराहनीय
पूरी कार्रवाई में निरीक्षक मणिकांत पाण्डेय, थाना प्रभारी नवागढ़, साइबर थाना से निरीक्षक भास्कर शर्मा, सहायक उप निरीक्षक विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक राजकुमार चंद्रा, आरक्षक गिरीश कश्यप एवं प्रदीप दुबे का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




