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Chandrapur में ऑपरेशन ‘गायब हार’: बजरंगबली के दरबार में आधी रात का रहस्य, चोर छोड़ गए कई सवाल

नगर पंचायत चंद्रपुर के बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर में चोरी, CCTV नहीं होने से जांच बनी ‘ब्लाइंड मिशन’

डभरा। नगर पंचायत चंद्रपुर के बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर में बीती रात हुई चोरी की घटना अब सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं, बल्कि किसी जासूसी कहानी की तरह रहस्य बन गई है। आधी रात के सन्नाटे में अज्ञात चोर मंदिर में दाखिल हुए, हनुमान जी के गले में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चांदी का हार निकाल लिया और दानपेटी का ताला तोड़कर उसमें रखी नगदी लेकर फरार हो गए। सुबह जब मंदिर के पुजारी और श्रद्धालु पहुंचे तो पूरे घटनाक्रम का पता चला।

सबसे बड़ी बात यह है कि मंदिर परिसर में एक भी CCTV कैमरा नहीं लगा था। ऐसे में चोरों की पहचान का कोई प्रत्यक्ष सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। यही वजह है कि यह मामला अब पुलिस के लिए ‘ब्लाइंड इन्वेस्टिगेशन’ बन गया है, जहां हर सुराग बाहर के कैमरों और स्थानीय लोगों की जानकारी पर निर्भर है।

पुलिस आसपास के दुकानों, प्रतिष्ठानों और मार्गों में लगे CCTV फुटेज खंगाल रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर चोर मंदिर तक कैसे पहुंचे, कितनी देर रुके और किस रास्ते से फरार हुए। जांच टीम को उम्मीद है कि आसपास के कैमरों में कोई न कोई संदिग्ध गतिविधि जरूर कैद हुई होगी।

घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक परिसरों में बढ़ती चोरी की घटनाओं को देखते हुए अब केवल ताले और दीवारें पर्याप्त नहीं हैं। आधुनिक सुरक्षा इंतजामों की जरूरत महसूस की जा रही है।

इस बीच समाजसेवी गौरी गुप्ता ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भगवान के दरबार में चोरी करने वाला कानून से भले कुछ समय तक बच जाए, लेकिन अपने कर्मों के परिणाम से नहीं बच सकता। उन्होंने मंदिरों में CCTV और अन्य सुरक्षा उपाय अनिवार्य किए जाने की मांग भी की।

अब पूरे इलाके में एक ही चर्चा है कि आखिर वह कौन था, जिसने बजरंगबली के दरबार को ही निशाना बना लिया? पुलिस सुराग तलाश रही है, जबकि श्रद्धालु इस रहस्य से पर्दा उठने का इंतजार कर रहे हैं। बहरहाल, अब सवाल सिर्फ चांदी के हार और दानपेटी की रकम का नहीं, बल्कि आस्था के केंद्रों की सुरक्षा का भी है।

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