किरीत की सरपंच ने निभाया वादा, 90% से ज्यादा अंक लाने वाले मेधावियों को कराई हवाई सैर, रायपुर से हैदराबाद और शिर्डी तक भरी उड़ान
सैनिक गांव किरीत की अनूठी पहल बनी जिले में चर्चा का विषय, तीन विद्यार्थियों और शिक्षक को कराया हवाई सफर; छात्रों ने सरपंच का जताया आभार

राजेंद्र राठौर@जांजगीर-चांपा। शिक्षा के प्रति बच्चों में प्रतिस्पर्धा और मेहनत की भावना बढ़ाने के लिए जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम किरीत की सरपंच रेवती राजन पात्रे ने ऐसी पहल की है, जिसकी चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है। सैनिक गांव के नाम से प्रसिद्ध ग्राम किरीत की सरपंच ने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को हवाई जहाज की सैर कराने का वादा किया था और इस वर्ष उन्होंने अपना वादा पूरा कर मिसाल पेश की है।

सरपंच रेवती राजन पात्रे ने घोषणा की थी कि गांव का जो भी विद्यार्थी कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करेगा, उसे हवाई यात्रा कराई जाएगी। इस वर्ष गांव के तीन विद्यार्थियों ने इस लक्ष्य को हासिल किया। इसके बाद सरपंच ने बिना किसी देरी के अपने वादे को अमलीजामा पहनाया और तीनों मेधावी विद्यार्थियों के साथ एक शिक्षक को भी हवाई यात्रा कराई।
पहली बार विमान में बैठे विद्यार्थी
तीनों विद्यार्थियों और शिक्षक ने रायपुर से हैदराबाद तथा हैदराबाद से शिर्डी तक हवाई यात्रा की। विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव बेहद खास रहा, क्योंकि उन्होंने पहली बार हवाई जहाज में सफर किया। आसमान में उड़ान भरने से लेकर नए शहरों को देखने तक का यह सफर उनके लिए जीवनभर याद रहने वाली स्मृति बन गया।
मेधावी विद्यार्थियों ने सरपंच की इस पहल के लिए उनका आभार जताते हुए कहा कि ऐसी पहल से बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ता है। उनका कहना था कि सरपंच द्वारा किए गए वादे को पूरा करने से उन्हें आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली है।
स्कूल पहुंचते ही हुआ भव्य स्वागत
हवाई यात्रा से लौटने के बाद ग्राम्य भारती शिशु मंदिर हायर सेकेंडरी स्कूल, किरीत परिवार द्वारा सरपंच रेवती राजन पात्रे का फूल-माला और नारियल भेंट कर भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस दौरान विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने सरपंच की इस पहल की जमकर सराहना की।
विद्यालय परिवार का कहना है कि बच्चों को केवल पुरस्कार देना ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि ऐसा प्रोत्साहन देना भी जरूरी है, जिससे उनमें बड़े सपने देखने और उन्हें हासिल करने का जज्बा पैदा हो। सरपंच की पहल इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
‘बच्चे मेहनत करें और गांव का नाम रोशन करें’
सरपंच रेवती राजन पात्रे ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी एक विद्यार्थी को पुरस्कृत करना मात्र नहीं है, बल्कि गांव के सभी बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना है। वे चाहती हैं कि बच्चे मेहनत करें, अच्छे अंक हासिल करें और अपने परिवार के साथ-साथ गांव का नाम भी रोशन करें।
उन्होंने कहा कि यदि एक बच्चे को प्रोत्साहन मिलने से दूसरे दस बच्चे मेहनत करने के लिए प्रेरित होते हैं, तो यही इस पहल की सबसे बड़ी सफलता होगी।
गांव से जिले तक हो रही पहल की चर्चा
ग्राम किरीत की यह पहल अब गांव की सीमाओं से निकलकर पूरे जांजगीर-चांपा जिले में चर्चा का विषय बन गई है। शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन देने वाली इस अनूठी पहल को लोग सकारात्मक बदलाव की मिसाल बता रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करने के लिए जनप्रतिनिधियों द्वारा इस तरह की पहल किए जाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
एक सरपंच का वादा, तीन मेधावियों की उड़ान और गांव के सैकड़ों बच्चों के सपनों को नई दिशा—ग्राम किरीत की यह पहल निश्चित रूप से शिक्षा के प्रति सकारात्मक सोच की मिसाल बनकर सामने आई है।




