जनसुनवाई में बाहरी लोगों के विरोध से गरमाया माहौल, सुरक्षा के लिए 220 पुलिसकर्मी तैनात, बिरगहनी में कोल वाशरी विस्तार एवं पावर प्लांट परियोजना की जनसुनवाई जारी, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट
जनसुनवाई स्थल पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप के नेतृत्व में अन्य राजपत्रित अधिकारियों सहित करीब 220 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस बल आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए है।
NKD@जांजगीर-चांपा/बलौदा। ग्राम बिरगहनी में हिंद मल्टी सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित कोल वाशरी विस्तार एवं 25 मेगावाट एएफबीसी पावर प्लांट परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई के दौरान विरोध प्रदर्शन जारी है। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों और प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार विरोध करने वालों में क्षेत्रीय प्रभावित ग्रामीणों की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही है, जबकि बाहरी लोगों की मौजूदगी अधिक होने की चर्चा पूरे आयोजन स्थल पर बनी हुई है।

जनसुनवाई स्थल पर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप के नेतृत्व में अन्य राजपत्रित अधिकारियों सहित करीब 220 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस बल आयोजन स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए है।

जनसुनवाई के दौरान परियोजना के समर्थन और विरोध दोनों पक्षों के लोग अपनी-अपनी बातें रख रहे हैं। विरोध कर रहे लोगों द्वारा पर्यावरणीय प्रभाव, प्रदूषण और स्थानीय संसाधनों पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि समर्थक पक्ष क्षेत्र में रोजगार और औद्योगिक विकास की संभावनाओं का हवाला दे रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में जनसुनवाई की कार्यवाही निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार संचालित की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जा रहा है और प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों को नियमानुसार दर्ज किया जाएगा।

जनसुनवाई स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजामों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि प्रशासन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या टकराव की संभावना को लेकर सतर्क है। आयोजन स्थल के प्रवेश मार्गों, मंच क्षेत्र और आसपास के हिस्सों में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

इस बीच स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि परियोजना से सीधे प्रभावित होने वाले कई ग्रामीणों की अपेक्षा बाहरी लोगों की उपस्थिति अधिक दिखाई दे रही है। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है।

फिलहाल, जनसुनवाई की प्रक्रिया जारी है और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि परियोजना के पक्ष और विपक्ष में रखे गए तर्कों तथा आपत्तियों के आधार पर आगे क्या निर्णय सामने आता है। जनसुनवाई के समापन के बाद विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर संबंधित प्राधिकरण को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।




