अर्चना राठौर ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में प्राप्त की पीएचडी, परिवार और क्षेत्र का बढ़ाया मान
अर्चना राठौर की यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और शोध के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने केवल सर्किट और सिग्नलों की जटिलताओं को ही नहीं समझा, बल्कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता के हर मानदंड को पार करते हुए यह मुकाम हासिल किया है।

जांजगीर। स्वर्गीय बोलोराम राठौर (भडेसर) एवं स्वर्गीय दशाराम राठौर (जांजगीर) की प्रपौत्री तथा उषा राठौर एवं राम सिंह राठौर (पूर्व कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन विभाग, राजनांदगांव) की सुपुत्री डॉ. अर्चना राठौर ने इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर अपने परिवार, समाज और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।

अर्चना राठौर की यह उपलब्धि उनकी मेहनत, लगन और शोध के प्रति समर्पण का परिणाम है। उन्होंने केवल सर्किट और सिग्नलों की जटिलताओं को ही नहीं समझा, बल्कि कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता के हर मानदंड को पार करते हुए यह मुकाम हासिल किया है।
उनकी इस उपलब्धि पर परिवारजनों, शुभचिंतकों और समाज के लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका शोध कार्य विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेगा तथा समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
इस अवसर पर परिजनों ने कहा कि अर्चना की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि कठिन परिश्रम, समर्पण और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।




