Janjgir-Champa में रेत तस्करों पर शिकंजा कसने नई व्यवस्था: बनारी तिराहा पर खुली खनिज जांच चौकी, 24 घंटे होगी निगरानी
जांच चौकी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मार्ग से गुजरने वाले खनिज परिवहन वाहनों के रॉयल्टी पर्ची, परिवहन अनुमति, वाहन दस्तावेज और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की जा रही है। दस्तावेजों में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित वाहन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

जांजगीर-चांपा। हसदेव नदी से लगातार सामने आ रहे अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मामलों के बीच पुलिस एवं प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इसी कड़ी में जिले के महत्वपूर्ण मार्ग बनारी तिराहा पर खनिज जांच चौकी स्थापित की गई है, जहां से गुजरने वाले हाइवा, ट्रैक्टर और अन्य मालवाहक वाहनों की सघन जांच की जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जांच चौकी का मुख्य उद्देश्य खनिजों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
दस्तावेजों की हो रही बारीकी से जांच
जांच चौकी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मार्ग से गुजरने वाले खनिज परिवहन वाहनों के रॉयल्टी पर्ची, परिवहन अनुमति, वाहन दस्तावेज और अन्य आवश्यक अभिलेखों की जांच की जा रही है। दस्तावेजों में किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित वाहन के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गतिविधियों पर 24 घंटे रहेगी निगरानी
प्रशासन का दावा है कि जांच चौकी के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। इससे अवैध रेत परिवहन करने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलेगी और खनिज राजस्व की चोरी पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।
हसदेव नदी से जुड़े मामलों के बाद बढ़ी सख्ती
हाल के दिनों में हसदेव नदी के विभिन्न घाटों से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर रेत भंडारण और परिवहन को लेकर सवाल उठ रहे थे। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने निगरानी तंत्र को मजबूत करने का निर्णय लिया।
लोगों की नजर अब परिणाम पर
हालांकि क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक तभी संभव होगी, जब जांच चौकी के साथ-साथ नदी घाटों और भंडारण स्थलों पर भी नियमित कार्रवाई की जाए। लोगों का मानना है कि केवल सड़क पर वाहनों की जांच ही नहीं, बल्कि अवैध उत्खनन के स्रोतों तक पहुंचकर कार्रवाई करना भी जरूरी है।
फिलहाल, बनारी तिराहा में शुरू की गई खनिज जांच चौकी को अवैध रेत परिवहन पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि यह व्यवस्था जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है और अवैध खनिज कारोबार पर कितना अंकुश लगा पाती है।





