850 रुपये में बेच रहे थे यूरिया, प्रशासन ने जब्त कर किसानों को 266 रुपये में बांट दी
कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई का असर, जब्त यूरिया किसानों तक पहुंचाया गया शासकीय दर पर

एनकेडी@जांजगीर-चांपा। किसानों से मनमानी वसूली कर महंगे दामों पर बेची जा रही यूरिया खाद को लेकर कृषि विभाग की कार्रवाई का सीधा लाभ अब किसानों को मिलने लगा है। जिस यूरिया को निर्धारित मूल्य से कई गुना अधिक दर पर बेचा जा रहा था, वही खाद अब किसानों को शासकीय दर 266.50 रुपये प्रति बोरी में उपलब्ध कराई गई।

गौरतलब है कि 2 जून 2026 को उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने स्वयं किसान बनकर जांजगीर स्थित उर्वरक विक्रेता के यहां यूरिया खरीदा था। जांच के दौरान पाया गया कि शासकीय दर 266.50 रुपये वाली यूरिया किसानों को 850 रुपये प्रति बोरी में बेची जा रही थी। शिकायत सही मिलने पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उपलब्ध यूरिया स्टॉक को जब्त कर लिया था।
मंगलवार को विभाग ने उसी जब्त यूरिया का वितरण नियमानुसार किसानों के बीच शुरू किया। खरीफ सीजन को देखते हुए लघु, सीमांत और मध्यम किसानों को प्राथमिकता देते हुए उनके कृषि रकबे के अनुसार खाद उपलब्ध कराई गई। पूरी प्रक्रिया कृषि विभाग की निगरानी में संपन्न हुई।
किसानों ने भी राहत की सांस ली, क्योंकि खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही खाद की मांग बढ़ रही है। ऐसे समय में कालाबाजारी पर कार्रवाई और शासकीय दर पर खाद की उपलब्धता से किसानों को सीधा फायदा मिलेगा।
उप संचालक कृषि ने कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी और अधिक मूल्य वसूली के खिलाफ विभाग का अभियान लगातार जारी रहेगा। किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।




