Welcome to नवीन कदम डिजिटल   Click to listen highlighted text! Welcome to नवीन कदम डिजिटल
क्राइमछत्तीसगढ़जांजगीर-चांपाटॉप न्यूज़राज्यलोकल न्यूज़

Composite Liquor Store Khokhara: आखिर जांच कर दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही आबकारी और पुलिस?

खोखरा से कुटरा तक फैले कथित अवैध शराब नेटवर्क पर चुप्पी से उठ रहे सवाल, लोगों में बढ़ती जा रही नाराजगी

जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय जांजगीर तथा आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब कारोबार को लेकर लगातार शिकायतें, चर्चाएं और आरोप सामने आ रहे हैं। ग्राम कुटरा सहित क्षेत्र के कई गांवों में खुलेआम महुआ, देसी, विदेशी शराब, बीयर और कैन शराब की कथित अवैध बिक्री की बातें ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों द्वारा लगातार कही जा रही हैं। इसके बावजूद, आबकारी विभाग और पुलिस की ओर से अब तक कोई बड़ी और निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

वायरल ऑडियो कांड के बाद बढ़ा विरोध: वर्षों से एक ही जिले में जमे कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि जब गांव-गांव में अवैध शराब बिक्री की चर्चा आम है, देर रात संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देती हैं और कथित रूप से मनचाहे ब्रांड की शराब आसानी से उपलब्ध हो रही है, तो आखिर जिम्मेदार विभाग अब तक पूरे मामले की गंभीर जांच क्यों नहीं कर रहे। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कथित अवैध शराब कारोबार कोई छिपा हुआ मामला नहीं है।

जमीन के खूनी विवाद में एक ही परिवार के 4 लोगों की हत्या, पुलिस ने चंद घंटों में पिता-पुत्र को दबोचा

गांव के सामान्य लोगों तक को इस नेटवर्क की जानकारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति दिखाई देती है। ग्रामीण पूछ रहे हैं कि आखिर लगातार शिकायतों के बावजूद बड़े स्तर पर दबिश क्यों नहीं दी जा रही? कथित सप्लाई चैन की जांच क्यों नहीं हो रही? खोखरा शराब दुकान के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड की जांच अब तक क्यों नहीं हुई? और देर रात होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी क्यों नहीं रखी जा रही?

सिर्फ छोटे लोगों पर कार्रवाई, बड़े नेटवर्क पर चुप्पी

क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि कार्रवाई अक्सर छोटे स्तर पर दिखाने के लिए की जाती है, लेकिन कथित बड़े नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश नहीं होती। लोगों का कहना है कि यदि निष्पक्ष तरीके से जांच हो जाए, तो अवैध शराब कारोबार से जुड़े कई चेहरे सामने आ सकते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना अंदरूनी संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर लगातार अवैध कारोबार चल पाना संभव नहीं है। यही वजह है कि अब आबकारी विभाग और पुलिस दोनों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।

कर्मचारियों की गतिविधियों की जांच की मांग

क्षेत्र में फैलते कथित अवैध शराब कारोबार के बीच अब देसी-विदेशी कंपोजिट शराब दुकान खोखरा के कर्मचारियों की गतिविधियों की जांच की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का आरोप है कि बिना अंदरूनी मिलीभगत के गांव-गांव तक विभिन्न ब्रांड की शराब की लगातार सप्लाई संभव नहीं है। लोगों का कहना है कि कुटरा सहित आसपास के कई गांवों में सक्रिय कथित अवैध कारोबारियों के पास हर समय महुआ, देसी, विदेशी शराब, बीयर और कैन शराब तक आसानी से उपलब्ध रहती है। जबकि कई बार सरकारी दुकानों में ही मनचाहे ब्रांड नहीं मिल पाते। ऐसे में अब शराब दुकान के सुपरवाइजर, विके्रता और अन्य कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

देर रात संदिग्ध गतिविधियों पर उठे सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात कुछ संदिग्ध लोगों और वाहनों की आवाजाही कंपोजिट शराब दुकान खोखरा के आसपास देखी जाती रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय शराब की कथित सप्लाई गांवों तक पहुंचाई जाती है। इसी कारण अब लोगों की मांग है कि दुकान के कर्मचारियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। लोगों का यह भी कहना है कि केवल औपचारिक कार्रवाई से काम नहीं चलेगा, बल्कि कथित सप्लाई नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना जरूरी है।

बिना संरक्षण इतना बड़ा नेटवर्क संभव नहीं

क्षेत्र में चर्चा है कि अवैध शराब कारोबार लंबे समय से संगठित तरीके से संचालित हो रहा है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि कहीं न कहीं से संरक्षण या सहयोग नहीं मिले, तो इतने बड़े स्तर पर लगातार सप्लाई संभव नहीं हो सकती। यही वजह है कि अब लोग केवल अवैध शराब बेचने वालों पर ही नहीं, बल्कि शराब दुकान से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!