सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो कांड में बड़ा प्रशासनिक एक्शन, कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट के आधार पर की अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा
जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता पर गिरी गाज, सचिव को भेजा गया प्रस्ताव

जांजगीर-चांपा। सोशल मीडिया में वायरल हुए कथित ऑडियो मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की दिशा में कदम बढ़ाया है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने मामले की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की है। इसके लिए सचिव, जलसंसाधन विभाग को प्रस्ताव भेज दिया गया है।

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा था। दावा किया जा रहा था कि उक्त ऑडियो जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह और विभाग में पदस्थ वाहन चालक के बीच हुई बातचीत का है। वायरल ऑडियो में कथित रूप से आपत्तिजनक एवं अभद्र भाषा का उपयोग सुनाई देने की बात सामने आई थी।
ऑडियो सामने आने के बाद जिलेभर में इसकी चर्चा तेज हो गई थी और प्रशासनिक हलकों में भी मामला सुर्खियों में आ गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर महोबे ने तत्काल संज्ञान लिया और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। कलेक्टर के आदेश पर अपर कलेक्टर को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। जांच के दौरान वायरल ऑडियो की परिस्थितियों, संबंधित पक्षों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई गई।

बताया जा रहा है कि जांच प्रतिवेदन में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए, जिसके आधार पर जिला प्रशासन ने आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। अपर कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद कलेक्टर महोबे ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए सचिव, जलसंसाधन विभाग को प्रस्ताव प्रेषित कर दिया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई शासकीय सेवा में अनुशासन, मर्यादा और आचरण के नियमों को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि शासकीय पद पर रहते हुए किसी भी प्रकार की अभद्रता, अनुचित व्यवहार या मर्यादा के विपरीत आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इधर, वायरल ऑडियो मामले में प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई की जिलेभर में चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया में सामने आए मामलों पर त्वरित संज्ञान लेकर जांच और कार्रवाई करना प्रशासनिक जवाबदेही का सकारात्मक उदाहरण है।




