ग्राम पंचायत खोखरा में शासकीय भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर संचालित किए जा रहे साहू बंगला ईंट भट्ठे पर आखिर किसका संरक्षण!
लंबे समय से चल रहे इस कथित अवैध कारोबार की जानकारी राजस्व, खनिज और पर्यावरण विभाग सहित स्थानीय प्रशासन को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है

NKD@जांजगीर-चांपा। जिले के नवागढ़ क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खोखरा में शासकीय भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर संचालित किए जा रहे साहू बंगला ईंट भट्ठे को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना वैध अनुमति के संचालित इस ईंट भट्ठे में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से ईंट निर्माण किया जा रहा है।

वहीं भट्ठे में जलाने के लिए अवैध कोयले का धड़ल्ले से उपयोग किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, लंबे समय से चल रहे इस कथित अवैध कारोबार की जानकारी राजस्व, खनिज और पर्यावरण विभाग सहित स्थानीय प्रशासन को होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विभागीय जिम्मेदारों को केवल अपने “हिस्से” से मतलब
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खनिज विभाग के कुछ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध बनी हुई है। चर्चा है कि विभागीय जिम्मेदारों को केवल अपने “हिस्से” से मतलब है, जिसके कारण खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो अवैध खनन, अवैध कोयला परिवहन और शासकीय भूमि के दुरुपयोग से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

कलेक्टोरेट कर्मी और कथित मीडिया संरक्षण की चर्चा
गांव और आसपास के क्षेत्र में यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि कलेक्टोरेट में कार्यरत खोखरा निवासी एक कम्प्यूटर ऑपरेटर तथा कुछ कथित मीडिया कर्मियों के संरक्षण में यह पूरा कारोबार संचालित हो रहा है। आरोप है कि प्रभाव और पहुंच का उपयोग कर कार्रवाई को प्रभावित किया जाता है, जिससे जिम्मेदार विभाग भी आंख मूंदे बैठे हैं।

धुआं से पर्यावरण और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि भट्ठे से निकलने वाला धुआं आसपास के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है। अवैध कोयले के उपयोग से निकलने वाला जहरीला धुआं खेतों और आबादी तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने की आशंका है।

प्रशासन से मामले में जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, शासकीय भूमि का सीमांकन कराने तथा अवैध ईंट भट्ठे और अवैध कोयले के उपयोग पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो शासकीय भूमि पर कब्जे और अवैध कारोबार का दायरा और बढ़ सकता है।




