Janjgir-Champa: जागरूकता कार्यक्रमों से अपराध पर अंकुश की कवायद, अब स्कूलों में कानून और साइबर सुरक्षा का पाठ पढ़ा रही पुलिस
अकलतरा कन्या शाला में CSP योगिताबाली खापर्डे ने छात्राओं को नए आपराधिक कानूनों और ऑनलाइन ठगी से बचाव के बताए व्यावहारिक तरीके

जांजगीर-चांपा। बदलते दौर में बढ़ते साइबर अपराध और डिजिटल ठगी की घटनाओं के बीच जांजगीर-चांपा पुलिस ने जागरूकता को सबसे बड़ा हथियार बनाया है। सामुदायिक पुलिसिंग के तहत पुलिस अब केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रहकर स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को कानूनी अधिकारों और साइबर सुरक्षा की जानकारी दे रही है।
इसी क्रम में अकलतरा स्थित कन्या शाला में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने छात्राओं से सीधे संवाद किया। उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की प्रमुख बातों को सरल भाषा में समझाया, ताकि छात्राएं नए कानूनों से परिचित हो सकें।
कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, लिंक और मैसेज, सोशल मीडिया पर बढ़ते साइबर अपराध, OTP और बैंकिंग जानकारी साझा करने के जोखिम जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। छात्राओं को बताया गया कि छोटी-सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान और साइबर अपराध का कारण बन सकती है।
सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने छात्राओं से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ व्यक्तिगत या बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा न करें। यदि साइबर अपराध का सामना करना पड़े तो बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि युवाओं को डिजिटल रूप से जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा भविष्य में भी स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के जागरूकता अभियान जारी रखने की बात कही गई है।





