पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का संत राजनीति पर बड़ा हमला, रामभद्राचार्य और धीरेंद्र शास्त्री से पूछे तीखे सवाल
नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत के बयान पर गरमाई सियासत, भूपेश बोले-महंगाई और पेट्रोल-डीजल पर भी दें जवाब

एनकेडी@जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों धर्म, संत और सत्ता को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत द्वारा जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर की गई टिप्पणी के बाद अब यह विवाद राजनीतिक रंग पकड़ चुका है। अब इसी मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुलकर मैदान में उतर आए हैं और उन्होंने रामभद्राचार्य के साथ कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से भी कई तीखे सवाल पूछ डाले हैं।
जिले के नगर पंचायत बम्हनीडीह में मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि देश के लोगों को केवल धर्म और कथा में उलझाने के बजाय महंगाई, बेरोजगारी और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर देश में डीजल-पेट्रोल की किल्लत और लगातार बढ़ती महंगाई क्यों है? साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि “मोदी जी अमेरिका के राष्ट्रपति से क्यों डरते हैं, इसका जवाब भी देश को मिलना चाहिए।”
पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने आरोप लगाया कि कुछ संत और कथावाचक अब आध्यात्मिक मंचों से ज्यादा राजनीतिक प्रचार में सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि आम आदमी महंगाई और आर्थिक संकट से परेशान है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
अपने बयान को लेकर नरम पड़े डाॅ. महंत
इधर, विवाद बढ़ने के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत अपने बयान को लेकर नरम पड़ते नजर आए। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनकी मंशा किसी भी साधु-संत या धर्मगुरु का अपमान करने की नहीं थी। डॉ. महंत ने कहा कि उन्हें बचपन से सभी धर्मों और संप्रदायों के संतों का सम्मान करना सिखाया गया है और उन्होंने केवल एक सामान्य राजनीतिक टिप्पणी की थी। हालांकि, दूसरी ओर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने भी इस मामले पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने अपनी विद्वता और योग्यता पर सवाल उठाने वालों को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वे किसी भी मंच पर चर्चा और शास्त्रार्थ के लिए तैयार हैं।
राजनीतिक और धार्मिक हलकों में हलचल
अब इस पूरे विवाद ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों हलकों में हलचल बढ़ा दी है। एक तरफ नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत अपने बयान को सामान्य बताकर विवाद शांत करने की कोशिश कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लगातार आक्रामक रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार, महंगाई और भाजपा की राजनीति को मुद्दा बनाकर मामले को और हवा दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज होने के संकेत दे रही है।




