125 दिन रोजगार और 300 रुपये मजदूरी के साथ शुरू हुई ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि पहले रोजगार गारंटी योजना के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था, लेकिन नई योजना में रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

जांजगीर-चांपा। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ का जिला स्तरीय शुभारंभ गुरुवार को बम्हनीडीह विकासखंड के ग्राम सोनाईडीह में किया गया। कार्यक्रम के दौरान आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के राष्ट्रीय शुभारंभ कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण भी देखा और सुना गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण योजना के तहत ग्रामीण श्रमिकों को अब 125 दिनों का रोजगार तथा प्रतिदिन 300 रुपये मजदूरी उपलब्ध कराने की घोषणा रही। इसे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और गांवों से होने वाले पलायन को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांवों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि पहले रोजगार गारंटी योजना के तहत 100 दिनों का रोजगार मिलता था, लेकिन नई योजना में रोजगार की अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इससे ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि योजना के तहत जल संरक्षण, जल संचयन, तालाब, खेत-तालाब, नाला सुधार एवं अन्य टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होने के साथ-साथ कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। उनका कहना था कि गांवों का विकास तभी संभव है, जब स्थानीय लोग स्वयं विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
जिला पंचायत सदस्य श्रीमती मोहन कुमारी साहू ने कहा कि योजना से ग्रामीणों को अपने ही गांव में रोजगार मिलेगा, जिससे रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में होने वाले पलायन में कमी आने की उम्मीद है। वहीं जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनीषा चौहान ने कहा कि योजना के माध्यम से प्रत्येक गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए ग्रामीणों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, महिलाओं और श्रमिकों ने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने तथा गांवों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण नागरिक, महिला समूहों की सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।








