सड़क किनारे शराबखोरी का विरोध पड़ा भारी, बीच-बचाव करने पहुंचे अधेड़ की लाठी से पीटकर हत्या, आरोपी फरार
दोस्ती और गांव की पहचान रखने वाले लोगों के बीच हुई कहासुनी में एक अधेड़ की जान चली गई

जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के ग्राम तन्नौद में गुरुवार रात एक दर्दनाक हत्या की वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते खूनी रूप ले लिया, जहां दोस्ती और गांव की पहचान रखने वाले लोगों के बीच हुई कहासुनी में एक अधेड़ की जान चली गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम तन्नौद निवासी मोहन महिपाल पिता फिरत महिपाल, उम्र लगभग 45 वर्ष, गुरुवार 14 मई की रात गांव के मुख्य मार्ग पर मौजूद था। बताया जा रहा है कि गांव के कुछ लोग सड़क किनारे बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान गांव के ही रहने वाले सत्यवान महिपाल ने सड़क पर शराब सेवन करने का विरोध किया और वहां मौजूद लोगों को ऐसा करने से मना किया।
बताया जा रहा है कि इस बात से गांव का ही उमाशंकर साहू पिता चैतराम साहू भड़क गया और सत्यवान महिपाल के साथ विवाद एवं मारपीट करने लगा। विवाद बढ़ता देख सत्यवान के पिता मोहन महिपाल बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन मामला शांत होने के बजाय और उग्र हो गया। आरोप है कि उमाशंकर साहू ने गुस्से में आकर मोहन महिपाल के सिर पर लाठी-डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल मोहन महिपाल मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से उन्हें खरौद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही शिवरीनारायण थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार आरोपी उमाशंकर साहू घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश लगातार जारी है। प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह आपसी विवाद और शराब के नशे में हुआ झगड़ा बताया जा रहा है।
जिले में बढ़ते अपराधों को लेकर उठे सवाल
इस घटना के बाद जांजगीर-चांपा जिले में लगातार बढ़ रहे अपराधों को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है। हत्या, मारपीट और शराब से जुड़े विवादों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी और असामाजिक गतिविधियों पर समय रहते नियंत्रण किया जाता, तो शायद एक व्यक्ति की जान नहीं जाती।
वारदात के बाद गांव में पसरा मातम
मोहन महिपाल की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के मुताबिक मोहन महिपाल शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और केवल विवाद शांत कराने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।




