Janjgir-Champa जिले में पीडीएस की निजी राशन दुकानों पर ऑडिट का ताला, भ्रष्टाचार को खुली छूट
वर्षों से नहीं हुई नियमित जांच, स्टॉक, रिकॉर्ड और वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल; जवाबदेही तय करने की मांग

जांजगीर-चांपा। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत संचालित निजी उचित मूल्य राशन दुकानों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि लंबे समय से इन दुकानों का नियमित ऑडिट नहीं कराया गया, जिससे सरकारी राशन के वितरण और रिकॉर्ड की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि नियमित ऑडिट किसी भी उचित मूल्य दुकान में उपलब्ध स्टॉक, वितरण रजिस्टर, लाभार्थियों को दिए गए राशन और सरकारी अभिलेखों के मिलान का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। लेकिन यदि वर्षों तक ऑडिट ही न हो, तो अनियमितताओं का पता लगाना मुश्किल हो जाता है और भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ जाती है।
सूत्रों का कहना है कि जिले की निजी राशन दुकानों के रिकॉर्ड की स्वतंत्र और नियमित जांच नहीं होने से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि सरकारी रिकॉर्ड और वास्तविक वितरण में कितना मेल है। इससे शासन की पारदर्शी वितरण व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उपभोक्ता हितों से जुड़े लोगों का कहना है कि खाद्यान्न जैसी महत्वपूर्ण योजना में नियमित ऑडिट अनिवार्य होना चाहिए। उनका मानना है कि सभी निजी राशन दुकानों का विशेष ऑडिट कर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और यदि कहीं अनियमितता मिले तो संबंधित संचालकों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए।





