डभरा की गलियों से निकली 97% वाली स्टार, आराध्या अग्रवाल ने साबित किया- छोटे शहरों के सपने भी करते हैं बड़ा कमाल, प्रदेश की टॉप-10 सूची में जगह बनाकर बनीं नई पीढ़ी की प्रेरणा
अक्सर यह माना जाता है कि बड़े शहरों में बेहतर संसाधन और सुविधाएं होने से वहीं के छात्र आगे निकलते हैं, लेकिन नगर पंचायत डभरा की बेटी आराध्या अग्रवाल ने इस सोच को बदल दिया है

एनकेडी@डभरा। अक्सर यह माना जाता है कि बड़े शहरों में बेहतर संसाधन और सुविधाएं होने से वहीं के छात्र आगे निकलते हैं, लेकिन नगर पंचायत डभरा की बेटी आराध्या अग्रवाल ने इस सोच को बदल दिया है। सीबीएसई 12वीं परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक हासिल कर आराध्या ने प्रदेश की टॉप-10 सूची में अपनी जगह बनाई और यह साबित कर दिया कि प्रतिभा का पता शहर नहीं, मेहनत तय करती है।
डभरा जैसे छोटे नगर से निकलकर प्रदेश स्तर पर पहचान बनाने वाली आराध्या आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई हैं। जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुआ, नगर में खुशी की लहर दौड़ गई। लोगों ने इसे सिर्फ एक छात्रा की सफलता नहीं, बल्कि पूरे डभरा की उपलब्धि बताया।
आराध्या वर्तमान में बेमेतरा स्थित अकादमिक वर्ल्ड स्कूल की छात्रा हैं। पढ़ाई के प्रति उनका अनुशासन और निरंतर मेहनत ही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही। परिवार के लोगों का कहना है कि उन्होंने सोशल मीडिया और अनावश्यक गतिविधियों से दूरी बनाकर अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रखा।
उनके पिता दीपक अग्रवाल सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं, जबकि माता श्रीमती कविता अग्रवाल ने बेटी की पढ़ाई और दिनचर्या को संतुलित रखने में अहम भूमिका निभाई। आराध्या की सफलता में परिवार के सहयोग और सकारात्मक माहौल का बड़ा योगदान माना जा रहा है।
खास बात यह है कि आराध्या ने अपनी सफलता को केवल अंकों तक सीमित नहीं रखा। उनका सपना बिजनेस मैनेजमेंट के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश के बड़े संस्थानों में अपनी पहचान बनाना है। उनका मानना है कि सफलता के लिए जगह नहीं, सोच बड़ी होनी चाहिए।डभरा की इस बेटी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि छोटे शहरों और कस्बों में भी बड़े सपने पलते हैं, बस उन्हें उड़ान देने के लिए मेहनत और आत्मविश्वास चाहिए।






