Janjgir-Champa विधायक ब्यास कश्यप का बड़ा बयान – कलेक्टर और एसपी से कई बार कहा, फिर भी केवा-भादा गांव में अवैध रेत खनन जारी
जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम केवा और भादा में हसदेव नदी से जारी अवैध रेत उत्खनन का मामला अब राजनीतिक रंग भी पकड़ने लगा है

एनकेडी@जांजगीर-चांपा। जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम केवा और भादा में हसदेव नदी से जारी अवैध रेत उत्खनन का मामला अब राजनीतिक रंग भी पकड़ने लगा है। क्षेत्रीय विधायक ब्यास कश्यप ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए बड़ा बयान दिया है। विधायक ने कहा कि वे कलेक्टर और एसपी से कई बार अवैध रेत खनन पर कार्रवाई करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद जमीन पर कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही।
विधायक ब्यास कश्यप ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि मैं कलेक्टर साहब और एसपी साहब को बोल-बोलकर थक गया हूं कि केवा और भादा गांव में अवैध रेत खनन पर सख्त कार्रवाई की जाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। विपक्ष की तो कहीं कोई सुनवाई ही नहीं है। उनके इस बयान के बाद प्रशासनिक कार्रवाई और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर नए सिरे से सवाल खड़े हो गए हैं।
रोज 100-150 हाइवा निकलने का आरोप
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि ग्राम केवा में हसदेव नदी से रोजाना बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा है। नदी के भीतर जेसीबी और चैन माउंटेन मशीनों से खुदाई कर प्रतिदिन 100 से 150 हाइवा और सैकड़ों ट्रैक्टरों के जरिए रेत परिवहन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रति हाइवा 3000 से 3500 रुपए तक की वसूली की जाती है और इस अवैध कारोबार से रोजाना लाखों रुपए की कमाई हो रही है। इसके बावजूद प्रशासन की कार्रवाई केवल कुछ वाहनों की जब्ती तक सीमित दिखाई दे रही है।
केवल छोटे वाहन पकड़ कर खानापूर्ति
क्षेत्र में चर्चा है कि प्रशासन केवल दो-चार वाहनों पर कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी निभाने का दिखावा कर रहा है, जबकि अवैध उत्खनन कराने वाले बड़े लोगों और पूरे नेटवर्क पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में गंभीर होता तो नदी के भीतर चल रही मशीनों को जब्त किया जाता और अवैध उत्खनन स्थलों को पूरी तरह बंद कराया जाता।




