Welcome to नवीन कदम डिजिटल   Click to listen highlighted text! Welcome to नवीन कदम डिजिटल
क्राइमछत्तीसगढ़जांजगीरजांजगीर-चांपाटॉप न्यूज़राज्यलोकल न्यूज़
Trending

हथनेवरा और पीथमपुर में हसदेव नदी से बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन, प्रति ट्रैक्टर 300 रुपए लोडिंग चार्ज की वसूली, दोपहर में भी धड़ल्ले से चल रहा खनन कार्य

खनिज विभाग की कार्रवाई का दूर-दूर तक पता नहीं, इलीगल माइनिंग टास्क फोर्स से सख्त कार्रवाई की मांग

NKD@जांजगीर-चांपा। हसदेव नदी से अवैध रेत उत्खनन का कारोबार अब केवा और नवापारा तक सीमित नहीं रह गया है। हथनेवरा और पीथमपुर गांवों में भी बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नदी के भीतर से खुलेआम रेत निकाली जा रही है और दिनदहाड़े ट्रैक्टरों के माध्यम से उसका परिवहन किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

ग्रामीणों के अनुसार, हथनेवरा और पीथमपुर घाटों में सुबह से शाम तक रेत निकालने का कार्य जारी रहता है। पहले जहां ऐसे कार्य रात के अंधेरे में किए जाते थे, वहीं अब रेत तस्करों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि भरी दोपहरी में भी नदी से रेत निकालकर ट्रैक्टरों में भरी जा रही है।

स्थानीय सूत्रों का दावा है कि रेत लोड करने के एवज में प्रति ट्रैक्टर 300 रुपए तक लोडिंग चार्ज वसूला जा रहा है। इसके बाद ट्रैक्टरों के माध्यम से आसपास के शहरों और गांवों में निर्माण स्थलों तक रेत पहुंचाई जा रही है।

प्रशासनिक छूट का फायदा उठा रहे तस्कर

क्षेत्र में चर्चा है कि खनिज विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर उसका असर दिखाई नहीं देता। यही कारण है कि रेत तस्कर प्रशासनिक ढिलाई और निगरानी की कमी का भरपूर फायदा उठा रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग नियमित निगरानी करे तो अवैध उत्खनन को आसानी से रोका जा सकता है। लेकिन वर्तमान स्थिति में ऐसा प्रतीत होता है कि अवैध कारोबार करने वालों में कार्रवाई का कोई भय नहीं रह गया है।

जीवनदायिनी हसदेव नदी के अस्तित्व पर खतरा

पर्यावरण से जुड़े जानकारों का मानना है कि नदी की धारा और जलस्तर को बनाए रखने में रेत की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अनियंत्रित उत्खनन से नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। लगातार हो रहे रेत खनन से नदी के किनारों पर कटाव बढ़ने और भूजल स्तर प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।

पुलिस विभाग के इलीगल माइनिंग टास्क फोर्स से उम्मीद

स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस विभाग द्वारा गठित इलीगल माइनिंग टास्क फोर्स से हथनेवरा और पीथमपुर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि संयुक्त टीम द्वारा नियमित निरीक्षण और छापामार कार्रवाई की जाए तो अवैध उत्खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

ग्रामीणों ने की रेत तस्करों पर कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हथनेवरा और पीथमपुर घाटों का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, अवैध उत्खनन में लगे वाहनों पर कार्रवाई की जाए, रेत की अवैध वसूली की जांच कराई जाए तथा पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं बरती गई तो हसदेव नदी के किनारे बसे गांवों में अवैध रेत कारोबार और अधिक फैल सकता है, जिसका खामियाजा आने वाले वर्षों में पर्यावरण और आम जनता दोनों को भुगतना पड़ सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!