स्कूटी पर ‘सफेदपोश’ अंदाज में चल रहा था गांजे का खेल! बिर्रा पुलिस ने खरीदार तक पहुंचकर खोली सप्लाई चेन की परतें
'एंड-टू-इंड' विवेचना में सिर्फ तस्कर नहीं, सप्लायर भी दबोचा गया... 3.780 किलो गांजा और स्कूटी जब्त, दो आरोपी न्यायिक रिमांड पर

जांजगीर-चांपा/बिर्रा। आमतौर पर गांजा तस्करी के मामलों में पुलिस केवल माल के साथ पकड़े गए आरोपी तक ही सीमित रह जाती है, लेकिन इस बार बिर्रा पुलिस ने जांच को वहीं नहीं रोका। मुखबिर की सूचना पर स्कूटी सवार एक आरोपी को पकड़ने के बाद पुलिस ने पूछताछ की कड़ियां जोड़ीं और सीधे उस व्यक्ति तक पहुंच गई, जिससे गांजा खरीदा गया था। यही वजह है कि इस कार्रवाई को पुलिस ने ‘एंड-टू-इंड विवेचना’ का नाम दिया है।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में थाना बिर्रा प्रभारी निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने ग्राम सिलादेही स्थित निर्माणाधीन पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर स्कूटी सवार कैलाश कुमार आजाद (37) निवासी टूडरी, थाना बिलाईगढ़ को पकड़ा। तलाशी में उसके कब्जे से 3.780 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत 57,800 रुपये बताई गई।
पूछताछ में खुला दूसरा राज
पुलिस की पूछताछ में कैलाश ने खुलासा किया कि वह गांजा पुरुषोत्तम साहू (45) निवासी ठकुरडिया, थाना बिलाईगढ़ से लेकर बिक्री करता था। इसके बाद बिर्रा पुलिस ने तत्काल दबिश देकर पुरुषोत्तम साहू को भी उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने भी गांजा उपलब्ध कराने की बात स्वीकार कर ली।
सिर्फ माल नहीं, सप्लाई चेन पर भी वार
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई में केवल गांजा बरामद कर मामला दर्ज करने के बजाय उसके स्रोत तक पहुंचने का प्रयास किया गया। इसी रणनीति के तहत खरीदार और सप्लायर दोनों को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 92/2026 के तहत धारा 20(बी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
परिवहन में प्रयुक्त स्कूटी भी बनी सबूत
कार्रवाई के दौरान गांजा परिवहन में प्रयुक्त स्कूटी भी जब्त कर ली गई है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों का नेटवर्क और किन लोगों से जुड़ा हुआ है तथा वे कितने समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव, एएसआई तीजराम जांगड़े तथा थाना बिर्रा के पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




