Janjgir-Champa: धान के कटोरे से उठी हुंकार: खाद, बिजली और भुगतान को लेकर किसानों ने सरकार के सामने रखी 9 बड़ी मांगें
जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष कमल काका के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि जांजगीर-चांपा प्रदेश का सबसे बड़ा धान उत्पादक जिला है, जिसे "छत्तीसगढ़ का धान का कटोरा" कहा जाता है, लेकिन विडंबना यह है कि इसी जिले के किसान आज मूलभूत कृषि सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

एनकेडी@जांजगीर-चांपा। जिले के किसानों की बढ़ती परेशानियों को लेकर जिला किसान कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम 9 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए कहा है कि प्रदेश के छोटे और सीमांत किसान खाद-बीज संकट, महंगी कृषि बिजली, डीजल की किल्लत और फसल भुगतान में देरी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं किया गया तो किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो सकती है।

जिला किसान कांग्रेस अध्यक्ष कमल काका के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि जांजगीर-चांपा प्रदेश का सबसे बड़ा धान उत्पादक जिला है, जिसे “छत्तीसगढ़ का धान का कटोरा” कहा जाता है, लेकिन विडंबना यह है कि इसी जिले के किसान आज मूलभूत कृषि सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
खाद वितरण नीति पर सबसे बड़ा सवाल
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि किसानों को खाद वितरण की वर्तमान व्यवस्था से भारी परेशानी हो रही है। किसान कांग्रेस ने मांग की है कि बार-बार सीमित मात्रा में खाद देने की नीति समाप्त कर किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार एकमुश्त खाद उपलब्ध कराई जाए। साथ ही डीएपी, यूरिया और अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि खेती प्रभावित न हो।
डीजल और बिजली को लेकर भी नाराजगी
किसानों ने डीजल और पेट्रोल की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कृषि कार्यों के लिए बिजली दरों को वापस लेने की मांग की है। किसान कांग्रेस का कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जिससे किसानों का मुनाफा घटता जा रहा है। संगठन ने किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई है।
कर्ज सीमा बढ़ाने और तत्काल भुगतान की मांग
ज्ञापन में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की ऋण सीमा बढ़ाकर प्रति एकड़ 40 हजार रुपये करने की मांग की गई है। इसके अलावा धान एवं अन्य कृषि उपज का भुगतान किसानों को एकमुश्त करने की बात कही गई है ताकि उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
कालाबाजारी पर कार्रवाई की मांग
किसान कांग्रेस ने उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के लिए कड़े कदम उठाने और पूरे प्रदेश में एक समान दर लागू करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि कई स्थानों पर किसानों को निर्धारित मूल्य से अधिक दरों पर खाद खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
रबी फसल खरीद को लेकर भी उठी आवाज
ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि रबी सीजन में किसानों द्वारा उत्पादित धान की खरीदी भी सहकारी समितियों के माध्यम से की जाए, जिससे किसानों को बाजार में औने-पौने दाम पर उपज बेचने की मजबूरी न हो।
राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट
किसान कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। संगठन का कहना है कि किसानों की समस्याओं का समाधान केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस प्रशासनिक निर्णयों से संभव है।




