इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो से खुला गोह के शिकार का राज, वन विभाग ने 5 आरोपियों को भेजा जेल
सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, जांजगीर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

जांजगीर-चांपा। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक इंस्टाग्राम वीडियो ने वन्यजीव शिकार के एक गंभीर मामले का पर्दाफाश कर दिया। वीडियो के आधार पर जांच करते हुए वन विभाग ने संरक्षित वन्यजीव बंगाल मॉनिटर (गोह) के शिकार के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
सभी आरोपियों को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, जांजगीर की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
वन विभाग की यह कार्रवाई वन मंडलाधिकारी हिमांशु डोंगरे के निर्देशन में की गई। विभाग ने वायरल वीडियो की जांच और सत्यापन के बाद आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
वन विभाग के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9, 39, 51 तथा धारा 2(15) एवं 2(16)(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने एक मृत बंगाल मॉनिटर (गोह), एक फावड़ा, एक सब्बल और एक मोबाइल फोन जब्त किया है।
जांच में सामने आई शिकार की पुष्टि
विभाग के मुताबिक, वायरल वीडियो की जांच में यह पुष्टि हुई कि आरोपियों ने बंगाल मॉनिटर का शिकार कर उसके साथ क्रूरता की थी। इसके बाद वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
1️⃣ दिनेश पटेल (23), निवासी भदरा, तहसील बम्हनीडीह।
2️⃣ हरिराम गोंड (25), निवासी सवरिया डेरा, गोविंदा, तहसील बम्हनीडीह।
3️⃣ शिवा गोंड (24 वर्ष), निवासी सवरिया डेरा, गोविंदा, तहसील बम्हनीडीह।
4️⃣ चमन गोंड (23), निवासी सवरिया डेरा, गोविंदा, तहसील बम्हनीडीह।
5️⃣ विनोद केवट (33), निवासी भदरा, तहसील बम्हनीडीह।
अन्य आरोपियों की तलाश भी जारी
वन विभाग ने बताया कि मामले की विवेचना अभी जारी है। यदि जांच के दौरान अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया बना सबूत, शिकारी पहुंचे सलाखों के पीछे
इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और फोटो भी अपराधों के खुलासे में अहम सबूत बन सकते हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों के शिकार या तस्करी जैसी गतिविधियों की जानकारी तत्काल विभाग को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।





