
सक्ती। नगर के पुरेना पार और राजापारा क्षेत्र में संचालित कुछ कबाड़ दुकानों में चोरी का लोहा और अन्य कबाड़ खपाए जाने के आरोपों के बाद भी अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि शिकायतों में सच्चाई नहीं है तो पुलिस जांच कर स्थिति स्पष्ट करे, और यदि आरोप सही हैं तो दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
बताया जा रहा है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों से चोरी होने वाले लोहे, सरिया, पाइप, एंगल, बिजली उपकरणों के पार्ट्स और अन्य धातु सामग्री को कथित रूप से कुछ कबाड़ दुकानों में बेचा जा रहा है। आरोप है कि बिना किसी वैध दस्तावेज के कबाड़ की खरीद-बिक्री की जा रही है, जिससे चोरी की घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।
जांच नहीं, इसलिए बढ़ रहे संदेह
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन स्थानों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं, वहां पुलिस द्वारा न तो नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और न ही रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इससे आम लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि पुलिस अचानक छापेमारी कर खरीदी-बिक्री का रिकॉर्ड, स्टॉक और माल के स्रोत की जांच करे तो कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
नियमों के पालन पर भी सवाल
जानकारों का कहना है कि कबाड़ कारोबार करने वालों के लिए खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड रखना, विक्रेता की पहचान दर्ज करना और संदिग्ध सामग्री की सूचना पुलिस को देना आवश्यक माना जाता है। यदि इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है तो संबंधित विभाग को इसकी जांच करनी चाहिए।
संयुक्त अभियान चलाए प्रशासन
शहरवासियों ने पुलिस और जिला प्रशासन से मांग की है कि नगर में संचालित सभी कबाड़ दुकानों का सत्यापन कराया जाए। लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, खरीदी-बिक्री के दस्तावेज और कबाड़ के स्रोत की जांच की जाए। यदि चोरी का सामान बरामद होता है तो संबंधित कारोबारियों और चोरी के नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।





