पीपल की छांव तले सजी चौपाल, खाट पर बैठे मुख्यमंत्री ने सुनी गांव की आवाज
कोसला में दिखी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सादगी और संवेदनशीलता, ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

जांजगीर-चांपा। सुशासन तिहार के तहत शुक्रवार को पामगढ़ विकासखंड के ग्राम कोसला में उस समय आत्मीय माहौल बन गया, जब मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai बिना किसी औपचारिकता के गांव की चौपाल में पहुंचे और पीपल के पेड़ की छांव तले ग्रामीणों के बीच खाट पर बैठकर सीधे संवाद किया। मुख्यमंत्री का यह सहज और संवेदनशील अंदाज ग्रामीणों के दिलों को छू गया।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों, किसानों और महिलाओं से गांव की समस्याओं और शासन की योजनाओं को लेकर खुलकर चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
सीएम ने पूछा “पटवारी गांव आते हैं या नहीं?”
चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से पूछा कि पटवारी नियमित रूप से गांव आते हैं या नहीं। ग्रामीणों द्वारा संतोषजनक जवाब मिलने पर उन्होंने पटवारी श्री शत्रुघन कुर्रे को निर्देशित किया कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें ताकि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक बिना परेशानी पहुंचना चाहिए।
महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं का सहारा
ग्राम कोसला की श्रीमती सावित्री कश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने नियमित सहायता राशि मिल रही है, जिससे परिवार की जरूरतें पूरी करने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से चर्चा करते हुए कहा कि यह योजना प्रदेश की लाखों महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर रही है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
“लखपति दीदी” की सफलता बनी प्रेरणा
चौपाल के दौरान गांव की “लखपति दीदी” श्रीमती नीमा तिवारी ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि बिहान योजना से जुड़ने के बाद उन्हें 15 हजार रुपये की सहायता मिली थी। इसी सहायता से उन्होंने आटा चक्की का व्यवसाय शुरू किया और आज उनके पास पांच आटा चक्कियां संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी सराहना करते हुए कहा कि वे गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करें।
कोसला को मिली दो बड़ी सौगात
ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने ग्राम कोसला में “महतारी सदन” निर्माण की घोषणा की। साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हायर सेकेंडरी स्कूल भवन निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री की इन घोषणाओं से ग्रामीणों, महिलाओं और विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर भी लिया फीडबैक
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि बीते ढाई वर्षों में ग्राम कोसला के 474 परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास प्लस सर्वेक्षण के माध्यम से छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को भी योजना का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद सबसे पहले 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई थी और अब हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।




