पहले प्यार… फिर इनकार… और आखिर में ‘डेथ कॉन्ट्रैक्ट’: एक फोन कॉल ने खोली 4 लाख की खूनी साजिश की पूरी कहानी, मास्टरमाइंड सहित 9 आरोपी गिरफ्तार
जिस महिला के साथ कभी भविष्य के सपने देखे, उसी को रास्ते से हटाने के लिए पति-पत्नी ने रची मौत की पटकथा, शूटर झारखंड से बुलाए गए, आरोपी महाराष्ट्र भागे, लेकिन मोबाइल ने सबकी पोल खोल दी
शहजाद खान@सक्ती। बीते 26 जून को जोंगरा गांव में हुई पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की हत्या शुरुआत में एक रहस्यमयी ब्लाइंड मर्डर लग रही थी। नकाबपोश बदमाश आए, गोलियां बरसाईं और कुछ ही पलों में गायब हो गए। गांव में चर्चा थी कि आखिर एक साधारण महिला की हत्या किसने और क्यों की? लेकिन पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, सामने आई कहानी किसी क्राइम थ्रिलर से कम नहीं निकली।
यह कहानी सिर्फ हत्या की नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वासघात, डर और सुपारी के कारोबार की है।
पुलिस के मुताबिक, पूर्णिमा और मुरलीशंकर चौहान एक साथ आयुर्वेदिक दवाइयों का प्रचार-प्रसार करते थे। साथ काम करते-करते दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ता प्रेम संबंध तक पहुंच गया। जब इसकी भनक मुरलीशंकर की पत्नी चम्पा को लगी तो घर में रोज विवाद होने लगा। पत्नी के दबाव में मुरलीशंकर ने दूरी बनाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के अनुसार पूर्णिमा लगातार उस पर शादी का दबाव बना रही थी।
यहीं से शुरू हुई मौत की स्क्रिप्ट।
पुलिस का दावा है कि पति-पत्नी ने मिलकर फैसला किया कि यदि यह रिश्ता खत्म नहीं हो सकता, तो पूर्णिमा को ही खत्म कर दिया जाए। इसके लिए चार लाख रुपये में हत्या का सौदा तय किया गया। झारखंड से पेशेवर शूटर बुलाए गए, स्थानीय युवकों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गईं और पूरी वारदात को फिल्मी अंदाज में अंजाम देने की तैयारी हुई।
26 जून को दो युवक बाइक से गांव पहुंचे। पूर्णिमा को देखते ही पिस्तौल से गोलियां दागीं और कुछ ही सेकंड में फरार हो गए। पीछे रह गया सिर्फ खून से सना घटनास्थल और कई सवाल।
लेकिन अपराधियों की सबसे बड़ी भूल थी—मोबाइल फोन।
कॉल डिटेल, मोबाइल टावर लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल ट्रेल ने पुलिस को एक-एक कड़ी जोड़ने में मदद की। जांच टीम झारखंड के जमशेदपुर पहुंची, फिर महाराष्ट्र के पुणे तक पीछा किया और आखिरकार पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में चम्पा चौहान, मुरलीशंकर चौहान, राजेंद्र महंत, गौरीशंकर सिदार, सुनील महंत, राकेश महंत, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू, सुमित गबेल और चंद्रशेखर महंत सहित कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल पिस्तौल, जिंदा कारतूस, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, कई मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और सुपारी की रकम का हिस्सा भी बरामद किया गया है।
चार दिन पहले तक जो हत्या पुलिस के लिए एक ब्लाइंड मर्डर थी, वह अब प्रेम संबंध से उपजी चार लाख की सुपारी किलिंग के रूप में सामने आ चुकी है। इस खुलासे ने न सिर्फ सक्ती जिले बल्कि, पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।





