कोसा बुनकर महिलाओं के बीच पहुंचीं CSP योगिताबाली खापर्डे, नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा का दिया संदेश
सामुदायिक पुलिसिंग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार जागरूकता अभियान चला रही जांजगीर-चांपा पुलिस
राजेंद्र राठौर@जांजगीर-चांपा। सामुदायिक पुलिसिंग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में मंगलवार को CSP जांजगीर योगिताबाली खापर्डे ने चांपा थाना क्षेत्र के ग्राम सिवनी स्थित आदर्श कोसा सहकारी बुनकर समिति पहुंचकर बुनकर महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने महिलाओं के कार्यों की सराहना करते हुए नशामुक्ति और साइबर सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया।
समिति के संचालक मनमोहन देवांगन ने CSP को संस्था की स्थापना, कोसा बुनाई की पूरी प्रक्रिया, महिलाओं को उपलब्ध कराए जा रहे रोजगार तथा हथकरघा उद्योग की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समिति से जुड़कर बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार प्राप्त कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
जांजगीर CSP योगिताबाली खापर्डे ने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे कोसा वस्त्रों की गुणवत्ता और उनकी मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण का भी प्रभावी माध्यम हैं।
‘एक युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान CSP ने “एक युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान के तहत महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और पूरे समाज को नुकसान पहुंचाता है। यदि कहीं भी अवैध रूप से नशीले पदार्थों का कारोबार या सेवन होता दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।
साइबर ठगी से बचने की दी सलाह
महिलाओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया गया। उन्हें फर्जी कॉल, ओटीपी, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने तथा सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने की सलाह दी गई। किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल पुलिस और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करने की अपील की गई।
जिपं सदस्य उमा ने भी किया जागरूक
कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य उमा राजेंद्र राठौर ने महिलाओं से डिजिटल सतर्कता बरतने की अपील करते हुए कहा कि आज के समय में थोड़ी-सी लापरवाही भी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी साझा करने से बचने तथा किसी भी साइबर ठगी की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया।
पीएसआई ने दी महिला सुरक्षा की जानकारी
कार्यक्रम में प्रशिक्षु उप निरीक्षक निकिता साहू ने महिलाओं को साइबर ठगी से बचाव, महिला सुरक्षा, आपातकालीन पुलिस सहायता और विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी, महिला उत्पीड़न या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस तक पहुंचाएं। जागरूकता और सतर्कता ही अपराधों की रोकथाम का सबसे प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम के अंत में बुनकर महिलाओं ने पुलिस के साथ संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और नशामुक्त तथा साइबर सुरक्षित समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।





