“क्या किसी खून-खराबे का इंतजार कर रहा प्रशासन? नवापारा में रेत माफिया के खिलाफ उठी आवाज को मिल रहीं धमकियां”
सरपंच गनपत साहू का आरोप है कि मौके पर पहुंचे कुछ लोगों ने न केवल विवाद किया, बल्कि खुलेआम यह संदेश देने की कोशिश की कि रेत का कारोबार किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा। सरपंच का दावा है कि उन्हें पंचायत कार्य रुकवाने, निर्माण कार्य तोड़ने और गंभीर परिणाम भुगतने तक की धमकियां दी गईं।

NKD@जांजगीर-चांपा। जिले के नवागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नवापारा में अवैध रेत उत्खनन का मामला अब सिर्फ खनिज चोरी तक सीमित नहीं रह गया है। यह मामला अब कानून-व्यवस्था, ग्रामीणों की सुरक्षा और प्रशासनिक निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े करने लगा है।

गांव की महिलाओं और सरपंच गनपत साहू का आरोप है कि वर्षों से चल रहे कथित अवैध रेत कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें खुलेआम धमकियां दी जा रही हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि शिकायतों के बावजूद हालात सुधरने के बजाय तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
दरअसल, 2 जून 2026 को गांव की महिलाओं ने रेत से भरे एक हाईवा वाहन को रोककर विरोध दर्ज कराया। महिलाओं का कहना था कि भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से गांव की सड़कें खराब हो रही हैं और ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। लेकिन विरोध के बाद जो घटनाक्रम सामने आया, उसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
सरपंच गनपत साहू का आरोप है कि मौके पर पहुंचे कुछ लोगों ने न केवल विवाद किया, बल्कि खुलेआम यह संदेश देने की कोशिश की कि रेत का कारोबार किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा। सरपंच का दावा है कि उन्हें पंचायत कार्य रुकवाने, निर्माण कार्य तोड़ने और गंभीर परिणाम भुगतने तक की धमकियां दी गईं।
सबसे बड़ा सवाल—क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?
गांव के लोग पूछ रहे हैं कि यदि एक निर्वाचित सरपंच और दर्जनों महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं, तो आम ग्रामीणों की सुरक्षा की क्या गारंटी है?
7 जून 2026 को बड़ी संख्या में महिलाएं और सरपंच नवागढ़ थाना पहुंचे और लिखित शिकायत देकर सुरक्षा तथा कार्रवाई की मांग की। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति कभी भी नियंत्रण से बाहर जा सकती है।
करही गोलीकांड की याद क्यों दिला रहा नवापारा?
ग्रामीणों के मन में सबसे बड़ा डर यही है कि कहीं यह मामला भी करही जैसी किसी दुखद घटना में न बदल जाए। करही में भी पहले विवाद, तनाव और शिकायतों की बातें सामने आई थीं, लेकिन बाद में हुई सनसनीखेज वारदात ने पूरे जिले को झकझोर दिया था।
नवापारा के लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब धमकियों के आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए जा चुके हैं, शिकायतें थाने तक पहुंच चुकी हैं और ग्रामीण खुलकर भय व्यक्त कर रहे हैं, तब प्रशासन ने अब तक क्या एहतियाती कदम उठाए हैं?
प्रशासन के सामने चार सीधे सवाल
1️⃣ क्या नवापारा में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की जांच होगी?
2️⃣ शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी या नहीं?
3️⃣ धमकी देने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कौन करेगा?
4️⃣ यदि भविष्य में कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
फिलहाल नवापारा में रेत से ज्यादा चर्चा डर की हो रही है। गांव की महिलाएं, सरपंच और ग्रामीण खुलकर कह रहे हैं कि उन्होंने प्रशासन को आगाह कर दिया है। अब देखने वाली बात यह होगी कि शासन-प्रशासन इस चेतावनी को गंभीरता से लेता है या फिर किसी बड़ी अनहोनी के बाद जागता है।







