हरदी-भैंसतरा मार्ग पर 40-45 टन ओवरलोड हाइवा की चपेट में आने से युवक की मौत, ग्रामीण बोले- कार्रवाई होती तो बच सकती थी जान
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार जिला कलेक्टर कार्यालय और एसडीएम अकलतरा को लिखित शिकायतें की गई थीं। शिकायतों में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई और परिवहन व्यवस्था नियंत्रित करने की मांग की गई थी, लेकिन आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो आज एक परिवार का चिराग नहीं बुझता।

जांजगीर-चांपा। अकलतरा विकासखंड क्षेत्र के ग्राम हरदी से भैंसतरा जाने वाले मार्ग पर रविवार रात करीब 8 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में ग्राम हरदी निवासी प्रमोद सोनवानी की मौत हो गई। आरोप है कि श्री श्री मिनरल्स की गिट्टी खदान में परिवहन कार्य में लगे एक ओवरलोड हाइवा CG 11, BF 8518 ने राहगीर संतोष सोनवानी को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क पर लंबे समय से क्षमता से दोगुना वजन लेकर हाइवा दौड़ रहे हैं। जहां सड़क की निर्धारित क्षमता करीब 20 टन बताई जाती है, वहीं आरोप है कि 40 से 45 टन तक गिट्टी लादकर वाहन लगातार फर्राटे भर रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार जिला कलेक्टर कार्यालय और एसडीएम अकलतरा को लिखित शिकायतें की गई थीं। शिकायतों में ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई और परिवहन व्यवस्था नियंत्रित करने की मांग की गई थी, लेकिन आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो आज एक परिवार का चिराग नहीं बुझता।
हादसे के बाद प्रशासन और परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ओवरलोडिंग का खेल लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल है। लोगों ने दोषी वाहन चालक, वाहन मालिक और ओवरलोडिंग को संरक्षण देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई है।





