9 जून को बनेगा नया रिकॉर्ड: सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बनेंगे नरेंद्र मोदी
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। स्वतंत्र भारत के निर्माण, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थापना, पंचवर्षीय योजनाओं और गुटनिरपेक्ष आंदोलन जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय उनके कार्यकाल में हुए। नेहरू का लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड लगभग छह दशक तक अटूट रहा। अब यह उपलब्धि नरेंद्र मोदी के नाम दर्ज होने जा रही है।

NKD@नई दिल्ली। भारतीय राजनीति के इतिहास में 9 जून 2026 एक महत्वपूर्ण तारीख के रूप में दर्ज होने जा रही है। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 4398 दिनों तक देश के प्रधानमंत्री पद पर बने रहकर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लगातार कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देंगे। अब तक यह रिकॉर्ड नेहरू के नाम था, जिन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में लगातार 4397 दिनों तक देश का नेतृत्व किया था।
इतिहास के पन्नों में दर्ज होगा 9 जून
26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले नरेंद्र मोदी ने लगातार तीन लोकसभा चुनावों में जीत दर्ज कर केंद्र की सत्ता संभाली। वर्ष 2014, 2019 और 2024 के आम चुनावों में मिली सफलता के बाद उनका कार्यकाल बिना किसी रुकावट के जारी है।
9 जून 2026 को मोदी का लगातार कार्यकाल 4398 दिनों का हो जाएगा, जो स्वतंत्र भारत के इतिहास में किसी भी प्रधानमंत्री का सबसे लंबा निरंतर (Continuous) कार्यकाल माना जाएगा।
पंडित नेहरू का रिकॉर्ड कितना बड़ा था?
पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 से लेकर 27 मई 1964 तक देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। स्वतंत्र भारत के निर्माण, लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्थापना, पंचवर्षीय योजनाओं और गुटनिरपेक्ष आंदोलन जैसे अनेक ऐतिहासिक निर्णय उनके कार्यकाल में हुए।
नेहरू का लगातार प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड लगभग छह दशक तक अटूट रहा। अब यह उपलब्धि नरेंद्र मोदी के नाम दर्ज होने जा रही है।
मोदी के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां
मोदी सरकार के समर्थक उनके कार्यकाल को कई बड़े फैसलों के लिए याद करते हैं, जिनमें शामिल हैं-
- जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना.
- जीएसटी लागू करना.
- डिजिटल इंडिया अभियान.
- प्रधानमंत्री आवास योजना.
- उज्ज्वला योजना.
- कोविड-19 टीकाकरण अभियान.
- जी-20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी.
- बुनियादी ढांचे और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं का विस्तार.
हालांकि, विपक्ष उनकी नीतियों और फैसलों को लेकर लगातार सवाल भी उठाता रहा है। इस कारण मोदी का कार्यकाल भारतीय राजनीति में समर्थन और आलोचना, दोनों का केंद्र बना रहा है।
राजनीतिक दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है यह रिकॉर्ड?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी लोकतांत्रिक देश में लगातार तीन बार जनादेश प्राप्त कर इतने लंबे समय तक सत्ता में बने रहना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह रिकॉर्ड केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि लंबे समय तक मतदाताओं के भरोसे और राजनीतिक संगठन की मजबूती को भी दर्शाता है।
आंकड़ों में रिकॉर्ड
| प्रधानमंत्री | लगातार कार्यकाल (दिन) |
|---|---|
| जवाहरलाल नेहरू | 4397 दिन |
| नरेंद्र मोदी (9 जून 2026) | 4398 दिन |
रिकॉर्ड के पीछे की कहानी
9 जून 2026 को नरेंद्र मोदी भारत के इतिहास में लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन जाएंगे। यह उपलब्धि ऐसे समय में आ रही है, जब देश आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने की ओर बढ़ रहा है। राजनीतिक दृष्टि से यह दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नए अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।
विशेष: यह रिकॉर्ड लगातार (Continuous) प्रधानमंत्री रहने के संदर्भ में है। भारत के कुल प्रधानमंत्री कार्यकाल की अन्य गणनाओं में अलग-अलग मानदंड लागू हो सकते हैं।





