बड़ी लापरवाही का पर्दाफाश: आंगनबाड़ी का छज्जा भरभराकर गिरा, कुछ मिनट पहले पहुंच जाते बच्चे तो हो सकता था बड़ा हादसा
जनपद पंचायत नवागढ़ के अंतर्गत ग्राम हाथी टिकरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 की घटना

जांजगीर-चांपा। जनपद पंचायत नवागढ़ के अंतर्गत ग्राम हाथी टिकरा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब केंद्र का छज्जा अचानक भरभराकर नीचे गिर पड़ा। गनीमत रही कि घटना के वक्त आंगनबाड़ी में केवल कार्यकर्ता और सहायिका मौजूद थीं, जबकि बच्चे उस वक्त केंद्र नहीं पहुंचे थे। इसी कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक तेज आवाज के साथ छज्जा गिरने से आसपास मौजूद लोग घबरा गए और मौके पर भीड़ जुट गई। कुछ देर पहले यदि बच्चे आंगनबाड़ी पहुंच गए होते तो कई मासूम इसकी चपेट में आ सकते थे। इस घटना ने आंगनबाड़ी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-1 लंबे समय से जर्जर अवस्था में है। भवन की दीवारों में दरारें हैं और छत व छज्जे की हालत भी बेहद खराब है। कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी देने के बावजूद अब तक भवन की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। नतीजा यह रहा कि आज छज्जा गिरने की घटना सामने आ गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत कराई गई होती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अब भी पूरा भवन असुरक्षित बना हुआ है और कभी भी पूरी इमारत धराशायी हो सकती है। ऐसे में यहां बच्चों और कर्मचारियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल भवन का निरीक्षण कर इसे उपयोग के लिए प्रतिबंधित करने तथा बच्चों के लिए वैकल्पिक सुरक्षित व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठने लगी है।
सबसे बड़ा सवाल
जिस आंगनबाड़ी में नौनिहालों के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी जाती है, क्या वही भवन अब उनकी जान के लिए खतरा बन चुके हैं? हाथी टिकरा की यह घटना प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि कहीं अगली बार यह “बाल-बाल बचाव” किसी बड़े हादसे में न बदल जाए।





