ड्राइवर को गाली, वेतन रोका और नौकरी से निकालने की धमकी… अब अधिकारी पर भड़का वाहन चालक संघ
जल संसाधन विभाग के अधिकारी पर कार्रवाई की मांग तेज, वाहन चालक संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

एनकेडी@जांजगीर-चांपा। जल संसाधन विभाग में कार्यरत एक शासकीय वाहन चालक के साथ कथित अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज, जबरन स्थानांतरण और चार माह का वेतन नहीं देने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय अर्धशासकीय वाहन चालक एवं यांत्रिकी कर्मचारी संघ खुलकर सामने आ गया है। संघ ने कलेक्टर जांजगीर-चांपा को ज्ञापन सौंपकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।
संघ द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, जल संसाधन विभाग के अधिकारी शशांक सिंह पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने विभाग के वाहन चालक के साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इतना ही नहीं, चालक को स्थानांतरण और नौकरी से निकालने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि इस घटना से न केवल संबंधित चालक बल्कि पूरे प्रदेश के शासकीय एवं अर्धशासकीय वाहन चालक कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ऐसे में दोषी अधिकारी पर निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष ताराचंद साहू के हस्ताक्षर से जारी ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पीड़ित चालक को पिछले चार माह से वेतन नहीं मिला है, जिससे उसका परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। संघ ने कलेक्टर से मांग की है कि तत्काल हस्तक्षेप करते हुए चालक का लंबित वेतन जारी कराया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संघ ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशभर के वाहन चालक कर्मचारी आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं। इस ज्ञापन की प्रति कलेक्टर कार्यालय में प्राप्त भी हो चुकी है, जिससे अब प्रशासनिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।





