अकलतरा नगर पालिका में पार्षदों का सांकेतिक धरना खत्म, एसडीएम की मौजूदगी में चल रही अहम बैठक
सीएमओ का कहना है कि नगर पालिका के कार्यालयीन कार्य प्रभावित नहीं हुए हैं तथा प्रशासन पार्षदों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इधर, धरना-प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा लगातार उनकी उपेक्षा की जा रही है।

NKD@अकलतरा। नगर पालिका परिषद अकलतरा में बीते कई दिनों से चल रहा विवाद शुक्रवार को और गहरा गया, जब नाराज पार्षदों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर सांकेतिक धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। सुबह से ही नगर पालिका परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। नाराज पार्षदों ने नगर पालिका परिषद में तालाबंदी किए जाने का दावा किया है, जबकि नगर पालिका अकलतरा के सीएमओ ने नगर पालिका कार्यालय में किसी प्रकार की तालाबंदी होने से इनकार करते हुए स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
सीएमओ का कहना है कि नगर पालिका के कार्यालयीन कार्य प्रभावित नहीं हुए हैं तथा प्रशासन पार्षदों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इधर, धरना-प्रदर्शन के दौरान पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा लगातार उनकी उपेक्षा की जा रही है। वार्डों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं होना, विकास कार्यों में पार्षदों की सहमति नहीं लेना तथा परिषद की बैठकों में लिए गए निर्णयों पर अमल नहीं होने को लेकर पार्षदों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम अकलतरा सुमित बघेल नगर पालिका कार्यालय पहुंचे हुए हैं। उनके साथ सीएमओ एवं थाना प्रभारी की मौजूदगी में सभी पार्षदों की सीएमओ कक्ष में बैठक जारी है। बैठक में पार्षद एक-एक कर अपनी समस्याएं और शिकायतें प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रख रहे हैं। इस दौरान सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, अधूरे निर्माण कार्य, वार्ड विकास एवं परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चा चल रही है।
गौरतलब है कि नगर पालिका अकलतरा में इससे पहले सामान्य सभा की बैठक को लेकर भी बड़ा विवाद सामने आया था। बैठक की प्रक्रिया, एजेंडा और प्रशासनिक भूमिका को लेकर उपाध्यक्ष एवं कई पार्षदों ने सवाल उठाए थे। बताया जा रहा है कि कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद बैठक आयोजित हुई थी, लेकिन विवाद पूरी तरह शांत नहीं हो पाया। वर्तमान धरना-प्रदर्शन को उसी नाराजगी का अगला चरण माना जा रहा है।
नगर पालिका के भीतर जारी इस खींचतान ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। पार्षदों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों की आवाज को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा, जबकि प्रशासन अपनी कार्यप्रणाली को नियमसम्मत बता रहा है। फिलहाल, अब सभी की नजर एसडीएम की मौजूदगी में चल रही बैठक पर टिकी हुई है, जहां से आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।





