Janjgir-Champa जिले में सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत: अब हर किरायेदार का पुलिस सत्यापन अनिवार्य, फेरीवालों का भी होगा पंजीयन
एसपी विजय कुमार पाण्डेय बोले– 'समाधान' ऐप से होगी ऑनलाइन निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने आमजन से की अपील

जांजगीर-चांपा। जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस ने नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि अब जिले के प्रत्येक मकान मालिक के लिए अपने किरायेदार का पुलिस सत्यापन कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही जिले में घूम-घूमकर व्यापार करने वाले फेरीवालों का भी सत्यापन और पंजीयन कराया जाएगा, ताकि संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान समय रहते हो सके और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान समय में कई आपराधिक घटनाओं में बाहरी व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है। ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए किरायेदारों का सत्यापन बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस ने डिजिटल व्यवस्था विकसित की है, जिसके माध्यम से मकान मालिक अपने किरायेदारों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप, सीएसपी जांजगीर योगिताबाली खापर्डे, डीएसपी आजाक सतरूपा तारम, कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश गुप्ता उपस्थित रहे।
‘समाधान’ ऐप से होगा ऑनलाइन सत्यापन
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि सभी मकान मालिकों को अपने मोबाइल फोन में छत्तीसगढ़ पुलिस का ‘समाधान’ ऐप डाउनलोड कर उसमें पंजीयन करना होगा। इसके बाद उन्हें अपने किरायेदार का पूरा विवरण, पहचान संबंधी जानकारी और आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन दर्ज करने होंगे। यह नियम जिले में रहने वाले सभी किरायेदारों पर समान रूप से लागू होगा, चाहे वे छत्तीसगढ़ के निवासी हों या किसी अन्य राज्य से आए हों।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी थाना प्रभारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि वे अपने-अपने थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएं। आवश्यकता पड़ने पर नियमों का पालन नहीं करने वाले मकान मालिकों को नोटिस भी जारी किए जाएंगे।
फेरीवालों की पहचान और मुसाफिरी होगी अनिवार्य
एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने बताया कि जिले में आने वाले फेरीवालों की भी अब व्यवस्थित पहचान की जाएगी। ग्राम कोटवारों के माध्यम से उनके आधार कार्ड सहित अन्य पहचान संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही किसी भी क्षेत्र में व्यवसाय शुरू करने से पहले संबंधित फेरीवालों को स्थानीय थाने में अपनी मुसाफिरी दर्ज करानी अनिवार्य होगी। इससे बाहरी व्यक्तियों की निगरानी आसान होगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी।
संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत दें सूचना
पत्रकार वार्ता में एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में आम जनता की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि किसी मोहल्ले, गांव या क्षेत्र में कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे, अवैध गतिविधि संचालित होती नजर आए या किसी प्रकार की आपराधिक आशंका हो, तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। नागरिक टोल-फ्री नंबर 1800-233-1905 अथवा जिला पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना देकर पुलिस की सहायता कर सकते हैं।
अपराध नियंत्रण के लिए सक्रिय निगरानी पर जोर
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि किरायेदारों और फेरीवालों का सत्यापन केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह अपराधों की रोकथाम, बाहरी संदिग्ध तत्वों की पहचान और जिले में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता के माध्यम से जिले में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
मुख्य बिंदु
- जिले में किरायेदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य।
- ‘समाधान’ ऐप के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन की व्यवस्था।
- फेरीवालों के पहचान दस्तावेजों की जांच और मुसाफिरी दर्ज कराना होगा।
- थाना प्रभारियों को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश।
- संदिग्ध गतिविधियों की सूचना टोल-फ्री 1800-233-1905 पर देने की अपील।
- उद्देश्य—अपराध नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और बाहरी संदिग्ध व्यक्तियों पर प्रभावी निगरानी।






