बिजली दर वृद्धि पर पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया का हमला, कहा- जनता पर महंगाई का एक और बोझ
पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ. डहरिया ने कहा कि महंगाई केवल आंकड़ों का विषय नहीं होती, बल्कि इसका सीधा असर गरीब की थाली, किसान की आय और मध्यम वर्ग की बचत पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार लगातार जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रही है। एक ओर महंगाई लगातार बढ़ रही है और दूसरी ओर सरकार ने बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि कर लोगों की जेब पर सीधा हमला किया है।

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने जांजगीर स्थित सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य सरकार द्वारा की गई बिजली दर वृद्धि का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रही है, ऐसे समय में बिजली दरों में बढ़ोतरी करना आम लोगों, किसानों, मजदूरों और मध्यमवर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है।

पत्रकारों से चर्चा करते हुए डॉ. डहरिया ने कहा कि महंगाई केवल आंकड़ों का विषय नहीं होती, बल्कि इसका सीधा असर गरीब की थाली, किसान की आय और मध्यम वर्ग की बचत पर पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार लगातार जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने का काम कर रही है। एक ओर महंगाई लगातार बढ़ रही है और दूसरी ओर सरकार ने बिजली दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि कर लोगों की जेब पर सीधा हमला किया है।
उन्होंने कहा कि बिजली बिल के माध्यम से जनता से अतिरिक्त राशि वसूलना किसी “महंगाई कर” से कम नहीं है। डॉ. डहरिया ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। उनके अनुसार वित्तीय वर्ष 2024-25 में औसत टैरिफ में 8.35 प्रतिशत, वर्ष 2025-26 में 1.89 प्रतिशत तथा वर्ष 2026-27 में प्रस्तावित 6.23 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में कई बार बिजली टैरिफ बढ़ाया जा चुका है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ रही है।
पूर्व मंत्री ने कांग्रेस शासनकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2018 से 2023 तक कांग्रेस सरकार ने आम जनता को राहत देने के उद्देश्य से हाफ बिजली बिल योजना लागू की थी। इस योजना के माध्यम से लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत मिली थी और सरकार का उद्देश्य जनता को सस्ती एवं सुलभ बिजली उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बिजली को जनकल्याण का माध्यम बनाया, जबकि वर्तमान सरकार बिजली को राजस्व वसूली का साधन बना रही है।
डॉ. डहरिया ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के बीच आशंकाएं हैं और कई स्थानों से अधिक बिल आने की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में सरकार को इस प्रक्रिया की समीक्षा करनी चाहिए और जनता की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि बिजली दर वृद्धि का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए, स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए, किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को विशेष राहत प्रदान की जाए तथा प्रदेश की जनता को सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी बिजली दर वृद्धि के मुद्दे पर जनता के साथ खड़ी है और यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगी।
डॉ. डहरिया ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई, कृषि लागत में वृद्धि, डीजल और बिजली की बढ़ती कीमतों के कारण किसानों और आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार को जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय राहत देने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज उठाती रहेगी और प्रदेशवासियों के हितों से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रखेगी। पत्रकार वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बिजली दर वृद्धि को जनविरोधी निर्णय बताते हुए राज्य सरकार से इसे वापस लेने की मांग की।
इस अवसर पर जांजगीर-चांपा विधानसभा के पूर्व विधायक मोतीलाल देवांगन, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के पूर्व सदस्य दिनेश शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रमेश पैगवार, कांग्रेस नेता गिरधारी यादव, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष हर प्रसाद साहू, नगर कांग्रेस अध्यक्ष रामविलास राठौर, जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज शुक्ला सहित कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




