तीन घंटे की सफाई और सड़क पर जागरूकता… शराबी ड्राइवर को कोर्ट ने दिया ‘सबक वाली सजा’
जुर्माने से आगे बढ़कर न्यायालय ने बदला दंड का तरीका, अब आरोपी खुद बताएगा शराब पीकर वाहन चलाने के नुकसान

राजेंद्र राठौर@जांजगीर। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लिए यह खबर सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है। अब नशे में वाहन चलाने की गलती सिर्फ जुर्माना भरकर खत्म नहीं होगी, बल्कि समाज के सामने अपनी गलती का एहसास भी कराना पड़ सकता है। जांजगीर न्यायालय ने शराबी वाहन चालक के मामले में ऐसा फैसला सुनाया है, जिसकी चर्चा पूरे जिले में हो रही है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय जांजगीर ने शराब सेवन कर वाहन चलाने वाले चालक को 15 हजार रुपये अर्थदंड के साथ 30 दिन की सामुदायिक सेवा की सजा सुनाई है। खास बात यह है कि आरोपी अब खुद लोगों को शराब के खिलाफ जागरूक करेगा और बताएगा कि नशे में वाहन चलाना किस तरह जिंदगी के लिए खतरा बन सकता है।
बार-बार गलती करने पर बदला सजा का तरीका
मामले में आरोपी स्वदेश यादव (38 वर्ष), निवासी पाण्डेय नगर जांजगीर को यातायात पुलिस ने शराब के नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा था। पुलिस के अनुसार आरोपी इससे पहले भी दो बार शराब सेवन कर वाहन चलाते पकड़ा जा चुका था, जिसमें उसे दोनों बार 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया था।
इसके बावजूद दोबारा वही गलती दोहराने पर न्यायालय ने इस बार केवल आर्थिक दंड तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि ऐसा दंड दिया जिससे आरोपी स्वयं समाज में जागरूकता फैलाने का माध्यम बने।
अब थाना परिसर में करेगा सफाई, चौक-चौराहों पर देगा संदेश
न्यायालय के आदेश के अनुसार आगामी 22 जुलाई 2026 से आरोपी को एक माह तक सामुदायिक सेवा करनी होगी। इस दौरान वह प्रतिदिन कोतवाली थाना जांजगीर में तीन घंटे तक साफ-सफाई का कार्य करेगा।
इसके साथ ही जिले के विभिन्न चौक-चौराहों पर पहुंचकर लोगों को शराब का सेवन नहीं करने और शराब पीकर वाहन नहीं चलाने के लिए जागरूक करेगा।
सड़क सुरक्षा के लिए न्यायालय का सख्त संदेश
न्यायालय के इस फैसले को सड़क सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अक्सर शराब के नशे में वाहन चलाने के कारण दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें चालक के साथ-साथ निर्दोष लोगों की जान भी खतरे में पड़ जाती है।
ऐसे मामलों में सिर्फ चालान और जुर्माना कई बार प्रभावी साबित नहीं होता। इसी को देखते हुए न्यायालय ने सामुदायिक सेवा के माध्यम से आरोपी को अपनी गलती का सामाजिक एहसास कराने की पहल की है।
पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार के नेतृत्व में जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
यातायात पुलिस द्वारा नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों, विशेषकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अब नशे में ड्राइविंग पर सिर्फ चालान नहीं, सामाजिक जवाबदेही भी
जांजगीर न्यायालय का यह फैसला उन वाहन चालकों के लिए बड़ा संदेश है, जो शराब के नशे में सड़क पर निकलकर खुद और दूसरों की जिंदगी खतरे में डालते हैं।
अब शराब पीकर वाहन चलाने की गलती का परिणाम सिर्फ जेब पर नहीं, बल्कि समाज के सामने जिम्मेदारी निभाने के रूप में भी भुगतना पड़ सकता है।





