एकलव्य आवासीय विद्यालय पलाड़ीखुर्द की छात्राओं का कलेक्टर कार्यालय में प्रदर्शन, भोजन, पेयजल, बिजली और शिक्षकों की कमी सहित कई समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन
समय पर भोजन-नाश्ता नहीं मिलने, किताबें उपलब्ध नहीं होने और प्राचार्य के अभद्र व्यवहार का आरोप; निष्पक्ष जांच और तत्काल व्यवस्था सुधार की मांग

शहजाद खान@सक्ती। जिले के पलाड़ीखुर्द स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) की छात्राओं ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विद्यालय एवं छात्रावास में व्याप्त विभिन्न समस्याओं को लेकर लिखित ज्ञापन सौंपा। छात्राओं ने आरोप लगाया कि विद्यालय में समय पर भोजन और नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया जाता, पेयजल एवं बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है, कई विषयों के शिक्षक नहीं हैं और मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

ज्ञापन में छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में अब तक कई विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। इसके बावजूद आगामी 30 जुलाई से प्रस्तावित यूनिट टेस्ट की तैयारी कराई जा रही है। उनका कहना है कि अंग्रेजी और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि अन्य विषयों में भी शिक्षकों की कमी बनी हुई है। रेमेडियल कक्षाएं भी संचालित नहीं की जा रही हैं, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
4 जुलाई से बिजली बाधित, पेयजल संकट से बढ़ी परेशानी
छात्राओं के अनुसार 4 जुलाई 2026 की रात से छात्रावास परिसर में बिजली आपूर्ति बाधित है। बिजली नहीं होने के कारण पानी की आपूर्ति भी प्रभावित है, जिससे दैनिक उपयोग, शौचालय तथा विशेष रूप से मासिक धर्म के दौरान छात्राओं को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि अंधेरा होने के कारण रात में जहरीले जीव-जंतु छात्रावास में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि इनवर्टर की व्यवस्था केवल प्राचार्य कार्यालय तक सीमित है, जबकि छात्रावास अंधेरे में रहता है।
प्राचार्य पर अभद्र व्यवहार और शिकायत दबाने का आरोप
ज्ञापन में छात्राओं ने विद्यालय के प्राचार्य मनोज गुप्ता पर समस्याओं की शिकायत करने पर उनकी बात नहीं सुनने तथा अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। कुछ छात्राओं का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से चेतावनी दी गई कि शिकायत करना उनके लिए ठीक नहीं होगा। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के दौरान भी प्राचार्य द्वारा उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने मांग की है कि कलेक्टर कार्यालय के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए, जिससे पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष सच्चाई सामने आ सके।
केंद्र की योजना के उद्देश्य पर उठे सवाल
छात्राओं का कहना है कि केंद्र सरकार आदिवासी एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एकलव्य विद्यालय संचालित कर रही है, लेकिन पलाड़ीखुर्द विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण योजना का उद्देश्य प्रभावित हो रहा है।
निष्पक्ष जांच और तत्काल कार्रवाई की मांग
छात्राओं ने कलेक्टर से मांग की है कि विद्यालय की सभी समस्याओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा पेयजल, बिजली, भोजन, शिक्षकों की नियुक्ति, किताबों की उपलब्धता और छात्रावास की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार कराया जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण और बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।




