बलौदा के ब्लैक स्पॉट पर पुलिस का एक्शन, सड़क हादसों की रोकथाम के लिए ASP ट्रैफिक ने किया संयुक्त निरीक्षण
PWD, RTO और पुलिस की टीम ने दुर्घटनाजन्य स्थलों का किया मुआयना, सड़क की खामियों पर जताई चिंता

जांजगीर-चांपा। जिले में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से बलौदा क्षेत्र के दुर्घटनाजन्य और ब्लैक स्पॉट क्षेत्रों का सोमवार को संयुक्त निरीक्षण किया गया। पुलिस, लोक निर्माण विभाग (PWD) और परिवहन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति, यातायात व्यवस्था, संकेतकों की उपलब्धता, मोड़ों की दृश्यता और दुर्घटनाओं के कारण बनने वाली खामियों का बारीकी से परीक्षण किया।

पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार के नेतृत्व में यह निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान थाना प्रभारी बलौदा निरीक्षक मनोहर सिन्हा, पीडब्ल्यूडी के एसडीओ, जिला परिवहन अधिकारी विवेक सिंहा तथा सब इंजीनियर अमित पटेल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान थाना बलौदा क्षेत्र के ग्राम बुडगहन, सराईसिंगार, डोंगरी, बलौदा एवं पहारिया जैसे उन स्थानों का निरीक्षण किया गया, जहां पूर्व में कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और जिन्हें ब्लैक स्पॉट एवं ग्रे स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है।

संयुक्त टीम ने पाया कि कई स्थानों पर तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, चेतावनी संकेतकों का अभाव, रोड मार्किंग की कमी, सड़क किनारे अतिक्रमण, दृश्यता बाधित करने वाले तीखे मोड़ तथा सड़क की खराब संरचना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं।
निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों को दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। इनमें प्रमुख रूप से चेतावनी संकेतक स्थापित करना, स्पीड ब्रेकर बनाना, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, अतिक्रमण हटाना तथा यातायात नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करना शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि इन बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभागों को औपचारिक पत्र भी भेजा जाएगा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ब्लैक स्पॉट की पहचान कर लगातार निरीक्षण, सुधारात्मक कार्रवाई और जनजागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके और सड़कें अधिक सुरक्षित बन सकें।




