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Janjgir-Champa: एक साल की खामोशी के बाद मिला सच का सुराग, डबरी से बरामद नर कंकाल ने खोले कई सवाल

लापता युवक शिव कुमार यादव की कंकाल के रूप में हुई पहचान, हत्या या हादसा—पुलिस हर पहलू से कर रही जांच

जांजगीर-चांपा। नगर पंचायत राहौद में एक साल पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुए युवक की तलाश उस समय एक दर्दनाक मोड़ पर पहुंच गई, जब स्थानीय लोगों की सूचना पर एक डबरी से नर कंकाल बरामद हुआ। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

जानकारी के अनुसार, राहौद स्थित गुडफीड इलेक्ट्रॉनिक दुकान के पीछे बनी डबरी के पास लोगों की नजर मानव कंकाल पर पड़ी। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच के दौरान कंकाल के पास कुछ कपड़े और अन्य सामान मिले, जिन्हें देखकर परिजनों को बुलाया गया।

मौके पर पहुंचे परिजनों ने कपड़ों और बरामद वस्तुओं के आधार पर मृतक की पहचान शिव कुमार यादव के रूप में की। बताया जा रहा है कि शिव कुमार यादव करीब एक वर्ष पहले अचानक लापता हो गया था। उसके पिता ने उस समय राहौद चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी, लेकिन लंबे समय तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

एक साल बाद उसी युवक का कंकाल मिलने से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस परिवार को अब तक बेटे के लौटने की उम्मीद थी, उसे अब उसकी मौत की खबर का सामना करना पड़ रहा है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

फिलहाल पुलिस ने कंकाल को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और अन्य वैज्ञानिक जांच के लिए भेज दिया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शिव कुमार यादव की मौत कैसे हुई? क्या उसकी हत्या कर शव को डबरी में फेंक दिया गया था, या फिर किसी दुर्घटना अथवा अन्य कारण से उसकी मौत हुई और लंबे समय तक किसी की नजर वहां नहीं पड़ी? इन सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस पुराने गुमशुदगी प्रकरण की फाइल भी खंगाल रही है। साथ ही युवक के अंतिम बार देखे जाने, उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और उसके लापता होने से पहले की गतिविधियों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

नगर पंचायत राहौद में एक साल बाद मिले इस कंकाल ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के लोग अब यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर शिव कुमार यादव के साथ उस रात क्या हुआ था, जिसकी कहानी का जवाब शायद अब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही दे पाएगी।

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