जांजगीर-चांपा और सक्ती में बनेंगे लोक निर्माण विभाग के दो-दो संभाग, विभागीय सचिव के निर्देश से प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज
लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली में जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों को दोनों जिलों में विभाग के दो-दो संभाग बनाए जाने की दिशा में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सचिव के इस निर्देश के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

राजेंद्र राठौर@जांजगीर-चांपा। लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली में जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों को दोनों जिलों में विभाग के दो-दो संभाग बनाए जाने की दिशा में प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सचिव के इस निर्देश के बाद प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

दरअसल, गुरुवार को जांजगीर स्थित विश्राम गृह में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय सचिव बंसल ने कहा कि सक्ती जिला बनने के बाद कार्यों का दायरा बढ़ गया है। ऐसे में प्रशासनिक कसावट, कार्यों की निगरानी और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए पुराने संभागों का पुनर्गठन आवश्यक हो गया है। बैठक में कलेक्टर जन्मेजय महोबे, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वीके भतपहरी सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बढ़ते कार्यभार के चलते लिया जा रहा फैसला
सूत्रों के अनुसार, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले में लगातार सड़क और भवन निर्माण कार्यों की संख्या बढ़ रही है। नए निर्माण कार्यों, मरम्मत, पुल-पुलिया और शासकीय भवनों की परियोजनाओं के कारण विभागीय अधिकारियों पर कार्यभार भी लगातार बढ़ा है। इसी को देखते हुए अलग.अलग संभाग बनाए जाने की कवायद शुरू की गई है। माना जा रहा है कि यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो दोनों जिलों में विकास कार्यों की गति तेज होगी और निर्माण कार्यों की निगरानी भी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। साथ ही ठेकेदारों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय करना आसान होगा।
सचिव ने लंबित कार्यों पर भी जताई नाराजगी
समीक्षा बैठक के दौरान विभागीय सचिव बंसल ने कई निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने समय-सीमा से पीछे चल रहे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात से पहले सड़क मरम्मत और पेच रिपेयर का काम पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को वर्ष 2026-27 और 2025-26 के कार्यों की प्राथमिकता सूची तैयार कर 31 जुलाई तक प्राक्कलन भेजने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा काम में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर ब्लैकलिस्ट और अनुबंध समाप्त करने जैसी सख्त कार्रवाई करने को कहा।
पामगढ़-डोंगाकोहरौद सड़क पर विशेष फोकस
बैठक में पामगढ़-डोंगाकोहरौद सड़क निर्माण कार्य को प्राथमिकता में रखते हुए जल्द काम शुरू कराने के निर्देश दिए गए। वहीं जांजगीर कलेक्टोरेट भवन निर्माण कार्य में तेजी लाकर शीघ्र पूर्ण करने पर भी जोर दिया गया। फिलहाल, लोक निर्माण विभाग के इस संभावित पुनर्गठन को दोनों जिलों में प्रशासनिक दृष्टि से बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब विभागीय अधिकारी प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने की प्रक्रिया में जुट गए हैं।




