नकटी गांव पर गरमाई सियासत: कांग्रेस ने किया पुतला दहन का प्रयास, पुलिस से हुई जोरदार झूमाझटकी
जैसे ही कार्यकर्ता पुतला दहन के लिए आगे बढ़े, पहले से तैनात भारी पुलिस बल सक्रिय हो गया। पुलिस ने झपट्टा मारकर पुतला छीन लिया। कुछ देर बाद कांग्रेस कार्यकर्ता दोबारा पुतला हासिल करने में सफल हुए और उसे आग लगाने की तैयारी करने लगे, लेकिन पुलिस ने फिर हस्तक्षेप करते हुए पुतला अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और झूमाझटकी होती रही। अंततः पुलिस पुतले को क्षत-विक्षत करने में सफल रही और कांग्रेस का पुतला दहन कार्यक्रम अधूरा रह गया।

जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय के जांजगीर के कचहरी चौक में शुक्रवार की शाम उस समय सियासी माहौल गरमा गया, जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की व झूमाझटकी हुई। स्थिति ऐसी बनी कि पुलिस ने पुतले को आग लगने से पहले ही कार्यकर्ताओं के हाथों से छीन लिया और बाद में उसे क्षत-विक्षत कर दिया। पूरे घटनाक्रम ने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
दरअसल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में कांग्रेस, युवक कांग्रेस, महिला कांग्रेस एवं अन्य अनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शाम करीब चार बजे कचहरी चौक पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला हाथ में लेकर चौक का चक्कर लगाया और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इसके बाद जैसे ही कार्यकर्ता पुतला दहन के लिए आगे बढ़े, पहले से तैनात भारी पुलिस बल सक्रिय हो गया। पुलिस ने झपट्टा मारकर पुतला छीन लिया। कुछ देर बाद कांग्रेस कार्यकर्ता दोबारा पुतला हासिल करने में सफल हुए और उसे आग लगाने की तैयारी करने लगे, लेकिन पुलिस ने फिर हस्तक्षेप करते हुए पुतला अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और झूमाझटकी होती रही। अंततः पुलिस पुतले को क्षत-विक्षत करने में सफल रही और कांग्रेस का पुतला दहन कार्यक्रम अधूरा रह गया।
कांग्रेस का कहना है कि ग्राम नकटी में कथित रूप से 85 परिवारों के मकानों पर हुई तोड़फोड़ और वर्षाकाल में लोगों को बेघर किए जाने के विरोध में पूरे प्रदेश में मुख्यमंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। पार्टी का आरोप है कि प्रभावित ग्रामीणों को न्याय दिलाने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, पुलिस ने पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी और किसी भी अप्रिय स्थिति को टालते हुए पुतला दहन नहीं होने दिया।




