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पंजाब, हरियाणा से लेकर हावड़ा-मुंबई रेल रूट तक तलाश जारी रही, आखिर उड़ीसा से मिली उम्मीद की खबर; सकुशल लौटे बेटे को देख परिजनों की आंखों से छलके खुशी के आंसू

मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र यादव के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाई गईं। एक टीम पंजाब भेजी गई तो दूसरी हरियाणा पहुंची। वहीं हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर जीआरपी और आरपीएफ को भी बालक की फोटो के साथ विस्तृत जानकारी भेजी गई। लगातार विभिन्न राज्यों की पुलिस से संपर्क बनाए रखा गया, ताकि कहीं भी बालक दिखाई दे तो तत्काल सूचना मिल सके।

राजेंद्र राठौर@ सक्ती-बाराद्वार। कभी-कभी एक छोटी-सी जिद या बिना बताए घर से निकलने का फैसला पूरे परिवार की दुनिया हिला देता है। ऐसा ही एक मामला सक्ती जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र में सामने आया, जहां घर से बिना बताए निकल गया एक नाबालिग बालक 25 दिनों तक परिवार और पुलिस के लिए चिंता का कारण बना रहा। हर गुजरते दिन के साथ परिजनों की उम्मीद कमजोर पड़ रही थी, लेकिन बाराद्वार पुलिस ने तलाश की डोर नहीं छोड़ी। आखिरकार उड़ीसा के बालेश्वर से आई एक सूचना ने पूरे परिवार के चेहरे पर फिर मुस्कान लौटा दी।

बाराद्वार पुलिस के अनुसार, ग्राम बेल्हाडीह निवासी प्रांशु साहू पिता दिनेश साहू, 29 जून 2026 की सुबह घर से बिना बताए निकला था और आखिरी बार उसे बाराद्वार रेलवे स्टेशन की ओर जाते देखा गया था। परिवार ने इसकी सूचना 30 जून 2026 को बाराद्वार थाना में दी थी। घर से निकलने के बाद वह लगातार इधर-उधर भटकता रहा। उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस से मदद मांगी, तब थाना बाराद्वार में अपराध क्रमांक 239/26 के तहत धारा 137(2) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर पुलिस ने खोजबीन शुरू की।

सिर्फ औपचारिकता नहीं, हर दिशा में हुई तलाश

मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र यादव के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनाई गईं। एक टीम पंजाब भेजी गई तो दूसरी हरियाणा पहुंची। वहीं हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग पर जीआरपी और आरपीएफ को भी बालक की फोटो के साथ विस्तृत जानकारी भेजी गई। लगातार विभिन्न राज्यों की पुलिस से संपर्क बनाए रखा गया, ताकि कहीं भी बालक दिखाई दे तो तत्काल सूचना मिल सके।

उड़ीसा राज्य के बालेश्वर से आई उम्मीद की खबर

लगातार प्रयासों के बीच उड़ीसा के बालेश्वर से सूचना मिली कि एक बालक, जिसकी तस्वीर गुमशुदा बच्चे से मेल खाती है, वहां देखा गया है। सूचना मिलते ही बाराद्वार पुलिस की टीम तत्काल बालेश्वर रवाना हुई। स्थानीय पुलिस और प्रशासन के सहयोग से बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया और सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे सुरक्षित थाना बाराद्वार लाया गया।

बेटे को देखकर छलक पड़े माता-पिता के आंसू

कई दिनों से बेटे की तलाश में दर-दर भटक रहे माता-पिता सहित परिजनों के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं था। जैसे ही उन्हें बालक के सकुशल मिलने की सूचना मिली, घर में खुशी का माहौल बन गया। बेटे से मिलते ही परिजनों की आंखों से राहत और खुशी के आंसू छलक पड़े। पुलिस टीम ने भी इस पल को अपनी सबसे बड़ी सफलता माना।

पुलिस की संवेदनशीलता बनी मिसाल

इस पूरे अभियान में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेन्द्र यादव, प्रधान आरक्षक अयूब खान और आरक्षक जितेंद्र सिदार की भूमिका महत्वपूर्ण रही। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं एसडीओपी डॉ. भुनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में चलाए गए इस अभियान ने यह साबित किया कि समय पर की गई गंभीर और संवेदनशील पुलिस कार्रवाई कई परिवारों की खुशियां वापस ला सकती है।

मानवीय संदेश दे गया पूरा घटनाक्रम

यह घटना सिर्फ एक गुमशुदा बच्चे के मिलने की कहानी नहीं, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि बच्चों का बिना बताए घर से निकलना कितना खतरनाक हो सकता है। वहीं, पुलिस की सतर्कता, लगातार प्रयास और विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर समन्वय ने एक परिवार को टूटने से बचा लिया। आज उस घर में फिर से हंसी लौट आई है, जहां पिछले कई दिनों से सिर्फ इंतजार और दुआएं थीं।

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