राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष किरणमयी नायक बोलीं— महिलाओं को न्याय दिलाना ही सबसे बड़ी उपलब्धि, 6 साल का कार्यकाल सोमवार को होगा समाप्त
कहा - अब तक 410 जनसुनवाई में 10 से 12 हजार मामलों का हुआ निराकरण, जांजगीर में इस बार 28 प्रकरण थे सूचीबद्ध, 12 पर हुई सुनवाई

जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती किरणमयी नायक ने मंगलवार को जांजगीर-चांपा में आयोजित आयोग की जनसुनवाई के बाद मीडिया के समक्ष अपने छह वर्षीय कार्यकाल का अनुभव साझा करते हुए कहा कि महिलाओं को त्वरित और सम्मानजनक न्याय दिलाना ही उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है। उन्होंने बताया कि उनका छह वर्ष का कार्यकाल सोमवार को समाप्त हो रहा है।

जांजगीर में आयोजित यह आयोग की 12वीं जनसुनवाई तथा प्रदेश की 410वीं जनसुनवाई रही। इस जनसुनवाई में जांजगीर-चांपा एवं सक्ती जिले से जुड़े 28 प्रकरण सूचीबद्ध थे, जिनमें से 12 मामलों पर सुनवाई की गई।

मीडिया से चर्चा करते हुए श्रीमती नायक ने बताया कि छह वर्षों में आयोग ने प्रदेशभर में लगभग 410 जनसुनवाई आयोजित कर 10 से 12 हजार मामलों का निराकरण किया। महिलाओं से जुड़े 20 से 25 मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर भी कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि कई मामलों में केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सामाजिक संवाद और समझाइश से भी परिवारों को टूटने से बचाया गया।
सामाजिक बहिष्कार खत्म, समाज ने फिर स्वीकार किया परिवार
उन्होंने बताया कि एक मामले में युवती की दोस्ती को लेकर पूरे परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया था। आयोग के हस्तक्षेप के बाद समाज ने अपना निर्णय वापस लेते हुए परिवार को पुनः स्वीकार कर लिया। इसे आयोग की महत्वपूर्ण सामाजिक उपलब्धियों में शामिल किया गया।
आयोग से दुर्व्यवहार करने वालों ने मांगी माफी
उन्होंने बताया कि एक अन्य मामले में आयोग के सदस्यों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पक्ष ने सुनवाई के दौरान अपनी गलती स्वीकार करते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। इसके बाद आयोग ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई की।
डीएनए टेस्ट और कलेक्टर को रिपोर्ट के निर्देश
एक प्रकरण में आयोग ने संबंधित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) को डीएनए परीक्षण कराने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित कलेक्टर को पत्र लिखकर दो माह के भीतर कार्रवाई की जानकारी आयोग को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मोबाइल हेल्थ यूनिट की होगी जांच
शिवरीनारायण क्षेत्र की मोबाइल हेल्थ यूनिट के संबंध में मिली शिकायत पर आयोग ने जांच के आदेश दिए हैं। संबंधित अधिकारियों से विस्तृत प्रतिवेदन भी तलब किया गया है।
स्पेन और ऑस्ट्रेलिया से भी पहुंचीं शिकायतें
अध्यक्ष ने बताया कि आयोग के पास विदेशों से भी शिकायतें पहुंचीं। एक 40 वर्षीय महिला ने स्पेन से शिकायत भेजी थी। वहीं एक अन्य महिला ने आरोप लगाया कि आठ वर्ष की आयु में उसके चाचा ने उसका यौन शोषण किया था। बाद में पति के सहयोग से उसने वर्ष 2024 में ऑस्ट्रेलिया से शिकायत दर्ज कराई। इस संवेदनशील मामले की सुनवाई बंद कक्ष (इन-कैमरा) में की गई तथा पांच लोगों को अनावेदक बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अक्सर पीड़िता के चरित्र पर अनावश्यक सवाल उठाए जाते हैं, जबकि आयोग का प्रयास पीड़िता की गरिमा और गोपनीयता बनाए रखते हुए न्याय दिलाना है।
एक माह के शिशु को मां का दूध दिलाने का भी किया उल्लेख
श्रीमती नायक ने बताया कि पूर्व मंत्री से मिली सूचना के आधार पर आयोग ने हस्तक्षेप कर एक माह के शिशु को उसकी मां का दूध उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसे महिला एवं बाल संरक्षण की दिशा में आयोग का उल्लेखनीय प्रयास बताया गया।
उन्होंने कहा कि कार्यकाल समाप्त होने तक अनेक महत्वपूर्ण मामलों का निराकरण किया गया है। कुछ मामलों में अभी भी गोपनीय दस्तावेज और बंद लिफाफे में रखी रिपोर्टों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी शेष है।
प्रमुख बातें
- छह वर्ष का कार्यकाल सोमवार को होगा समाप्त।
- प्रदेश में 410वीं और जांजगीर की 12वीं जनसुनवाई आयोजित।
- जांजगीर में इस बार 28 प्रकरण थे सूचीबद्ध, 12 मामलों पर सुनवाई।
- छह वर्षों में 10 से 12 हजार मामलों का निराकरण।
- 20 से 25 मामलों में आयोग ने स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई की।
- डीएनए परीक्षण, मोबाइल हेल्थ यूनिट जांच और अन्य संवेदनशील मामलों में आवश्यक निर्देश जारी।




