Janjgir-Champa: सेवा सहकारी समिति सिवनी-चांपा में 29 लाख की गड़बड़ी का मामला फिर गरमाया, कार्रवाई पर उठे सवाल
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, अध्यक्ष को हटाने, ऑडिट की दोबारा जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग; आंदोलन की चेतावनी

जांजगीर-चांपा। जिले की सेवा सहकारी समिति मर्यादित सिवनी (चांपा) में कथित 28 से 29 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार विवाद का केंद्र केवल कथित गबन नहीं, बल्कि कार्रवाई की धीमी रफ्तार और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठ रहे सवाल हैं। लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और कथित रूप से संरक्षण देने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।
पार्टी का आरोप है कि समिति में लाखों रुपये के अनियमित आहरण का मामला सामने आने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि जब वित्तीय अनियमितता की बात सामने आ चुकी है, तब समिति के मनोनीत अध्यक्ष प्रमोद देवांगन के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
ऑडिट रिपोर्ट भी जांच के घेरे में
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राम सिंह क्षत्री ने आरोप लगाया कि मामले में तैयार की गई ऑडिट रिपोर्ट भी संदेह के घेरे में है। उनका कहना है कि ऑडिट के दौरान वास्तविक तथ्यों को सामने लाने के बजाय गलत रिपोर्ट तैयार की गई, जिससे पूरे मामले की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। पार्टी ने ऑडिट की पुनः जांच कर संबंधित ऑडिटर की भूमिका की भी जांच कराने और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की मांग की है।
‘छोटे कर्मचारी पर कार्रवाई, बड़े जिम्मेदार सुरक्षित’
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कंप्यूटर ऑपरेटर श्रवण कुमार कश्यप को निलंबित कर कार्रवाई का संदेश देने की कोशिश की गई, लेकिन समिति के अध्यक्ष के खिलाफ अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। पार्टी का आरोप है कि इससे ऐसा प्रतीत होता है कि कार्रवाई केवल निचले स्तर तक सीमित रखी जा रही है, जबकि निर्णय लेने वाले जिम्मेदार पदाधिकारियों को बचाया जा रहा है।
सहकारिता विभाग की भूमिका पर भी सवाल
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने उपायुक्त सहकारिता और सहकारिता विस्तार अधिकारी, बलौदा की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि विभागीय अधिकारियों ने पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया तथा आरोपियों को संरक्षण दिया। पार्टी ने इन अधिकारियों की भूमिका की स्वतंत्र जांच कर आवश्यक विभागीय कार्रवाई करने की मांग की है।
पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
पार्टी का कहना है कि सहकारी समितियां किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं की आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार हैं। यदि ऐसी संस्थाओं में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होगी तो सहकारिता व्यवस्था पर लोगों का भरोसा कमजोर होगा। इसलिए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
जिलेभर में आंदोलन की चेतावनी
लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो जिलेभर में धरना-प्रदर्शन और जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी का कहना है कि ऐसी स्थिति में कानून-व्यवस्था अथवा अन्य परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।




