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बम्हनीन गाँव में बाबा साहब की प्रतिमा के आसपास तोड़फोड़, शिकायत के बाद आरोपी पर एफआईआर दर्ज

ग्रामीणों और अंबेडकर समर्थकों का कहना है कि यह मामला सिर्फ रेलिंग टूटने का नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उनका मानना है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाएं सम्मान और सामाजिक एकता का प्रतीक होती हैं, ऐसे में उनके आसपास की गई किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ गंभीर विषय है।

एनकेडी@अकलतरा। ग्राम पंचायत बम्हनीन में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के आसपास कथित तोड़फोड़ की घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। प्रतिमा की सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग को क्षतिग्रस्त किए जाने और प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की धमकी दिए जाने के आरोपों ने ग्रामीणों की नाराजगी बढ़ा दी है।

जानकारी के अनुसार, 13 जून 2026 की सुबह ग्राम पंचायत बम्हनीन के सरपंच पंकज मिरी को सूचना मिली कि गांव के चौक में स्थापित बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा के चारों ओर लगी रेलिंग का एक हिस्सा टूटा हुआ है। मौके पर मौजूद लोगों ने कथित रूप से राजा धनवार को इस घटना के लिए जिम्मेदार बताया।

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी ने न केवल रेलिंग को नुकसान पहुंचाया, बल्कि कथित तौर पर प्रतिमा को भी तोड़ने जैसी बातें कही, जिससे ग्रामीणों में रोष फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी नशे की हालत में था और उसके साथ अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे।

सामाजिक भावना पर हमला मान रहे ग्रामीण

ग्रामीणों और अंबेडकर समर्थकों का कहना है कि यह मामला सिर्फ रेलिंग टूटने का नहीं, बल्कि समाज की भावनाओं से जुड़ा हुआ है। उनका मानना है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाएं सम्मान और सामाजिक एकता का प्रतीक होती हैं, ऐसे में उनके आसपास की गई किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ गंभीर विषय है।

मामला दर्ज़, ग्रामीणों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

सरपंच की शिकायत पर अकलतरा पुलिस ने आरोपी राजा धनवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 298 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना की परिस्थितियों तथा आरोपों की सत्यता की पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद गांव में चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Rajendra Rathore

राजेंद्र राठौर विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके परिवार में पत्रकारिता का कोई पारंपरिक इतिहास नहीं रहा, फिर भी उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की। उन्होंने वर्ष 2001 में दैनिक नवभारत में सर्वेयर के रूप में अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2017 में उन्होंने दैनिक नवीन कदम समाचार पत्र समूह में कार्यभार संभाला और तब से वे आज पर्यंत “स्थानीय संपादक” के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

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