Sakti: जनदर्शन में शिकायत, एक साल से जांच गायब, आखिर किसकी मेहरबानी से रुकी कार्रवाई?
फर्जी पट्टा और दोहरी जनगणना प्रविष्टि के आरोपों की जांच अधर में, शिकायतकर्ता ने कलेक्टर को भेजा दूसरा स्मरण पत्र

NKD@सक्ती/चंद्रपुर। जनदर्शन को आम जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण का मंच माना जाता है, लेकिन कई मामलों में शिकायतकर्ताओं को महीनों नहीं बल्कि, सालभर तक कार्रवाई का इंतजार करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला नगर पंचायत चंद्रपुर से सामने आया है, जहां गंभीर आरोपों से जुड़ी शिकायत पर अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
चंद्रपुर निवासी गौरीशंकर गुप्ता ने कलेक्टर सक्ती को दूसरा स्मरण पत्र सौंपते हुए बताया कि उन्होंने 26 जून 2025 को जनदर्शन में आवेदन देकर जीधन लाल चौधरी के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में फर्जी शासकीय भूमि पट्टा बनवाने, नगर पंचायत से कथित रूप से अवैध भवन अनुज्ञा प्राप्त करने तथा परिवार सहित दो स्थानों पर जनगणना सूची में नाम दर्ज कराने जैसे आरोप लगाए गए थे।

शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रारंभिक आवेदन के बाद 5 अगस्त 2025 को भी स्मरण पत्र दिया गया, लेकिन एक वर्ष बीतने के बाद भी जांच या कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। इससे शिकायतकर्ता ने प्रशासनिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं।
मुख्य मुद्दा कार्रवाई नहीं, देरी बन रही
इस मामले में आरोपों से अधिक चर्चा अब शिकायत पर कार्रवाई में हो रही कथित देरी को लेकर हो रही है। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि शिकायत निराधार है तो जांच कर उसे स्पष्ट किया जाना चाहिए और यदि आरोपों में तथ्य हैं तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन लंबे समय तक कोई निष्कर्ष सामने नहीं आने से संदेह और असंतोष दोनों बढ़ रहे हैं।
जनदर्शन की प्रभावशीलता पर उठे सवाल
जनदर्शन का उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। ऐसे में लंबे समय तक शिकायत लंबित रहने से यह सवाल उठ रहा है कि शिकायतों की मॉनिटरिंग और समीक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है। स्थानीय लोगों का मानना है कि शिकायतों के निपटारे की स्थिति सार्वजनिक होने से पारदर्शिता बढ़ सकती है।
जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे तथ्य
फिलहाल, शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित मामले में प्रशासनिक जांच और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।




