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Jashpur: 15 हजार से ज्यादा शिकायतें और मांगें, सरकार ने मांगा हर आवेदन का हिसाब

सुशासन तिहार में मिले 15,846 आवेदनों में 11,205 का निराकरण, शेष मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश

NKD@जशपुर। शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है या नहीं, जनता की समस्याओं का समाधान समय पर हो रहा है या नहीं और प्रशासनिक तंत्र कितना जवाबदेह है, इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए जशपुर जिले में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रभारी सचिव अंकित आनंद ने सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त हजारों आवेदनों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों, मांगों और समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

समीक्षा बैठक में बताया गया कि जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में कुल 35 शिविरों का आयोजन किया गया, जहां नागरिकों से सीधे आवेदन प्राप्त किए गए। इन शिविरों में कुल 15 हजार 846 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें, मांगें और जनसमस्याएं शामिल हैं। प्रशासन द्वारा अब तक 11 हजार 205 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि शेष प्रकरणों पर भी तेजी से कार्रवाई जारी है।

प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंबित आवेदनों को केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं बल्कि जनहित के दृष्टिकोण से गंभीरता के साथ लिया जाए। उन्होंने कहा कि हर आवेदन के पीछे किसी नागरिक की समस्या, अपेक्षा और विश्वास जुड़ा होता है, इसलिए प्रत्येक प्रकरण का समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

बैठक के दौरान राजस्व, पंचायत, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास तथा अन्य विभागों से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई। प्रभारी सचिव ने कहा कि शिकायतों के निराकरण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि एक ही समस्या को लेकर लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के निराकरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा ऐसे प्रकरणों को प्राथमिकता दी जाए जिनका सीधा संबंध आम नागरिकों की बुनियादी सुविधाओं और अधिकारों से है। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के ऑनलाइन पंजीयन, रिकॉर्ड अद्यतन करने और लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे पर भी जोर दिया।

बैठक में कलेक्टर रोहित व्यास ने जानकारी दी कि जिले में प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए विभागवार कार्ययोजना बनाकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि शेष सभी आवेदनों का भी शीघ्र निराकरण कर लोगों को राहत प्रदान की जाए।

इस समीक्षा बैठक ने एक बार फिर यह संकेत दिया कि शासन अब योजनाओं की घोषणा भर तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि जनता से प्राप्त प्रत्येक आवेदन की स्थिति पर नजर रखते हुए प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रियता से काम कर रहा है। सुशासन तिहार के माध्यम से सामने आई समस्याओं के समाधान की गति आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्यशैली और जनविश्वास दोनों की कसौटी साबित होगी।

Rajendra Rathore

राजेंद्र राठौर विगत 25 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। उनके परिवार में पत्रकारिता का कोई पारंपरिक इतिहास नहीं रहा, फिर भी उन्होंने इस क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की। उन्होंने वर्ष 2001 में दैनिक नवभारत में सर्वेयर के रूप में अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की। वर्ष 2017 में उन्होंने दैनिक नवीन कदम समाचार पत्र समूह में कार्यभार संभाला और तब से वे आज पर्यंत “स्थानीय संपादक” के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।

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