थाने की फाइलों से लेकर फील्ड तक… SP विजय कुमार पाण्डेय ने परखी सिटी कोतवाली की नब्ज, अपराधियों पर कसा शिकंजा
पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में अवैध शराब, गांजा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही रात्रिकालीन गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया, ताकि अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।

जांजगीर-चांपा। जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत और जवाबदेह बनाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने गुरुवार को कोतवाली जांजगीर का वार्षिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि थाने की कार्यप्रणाली, अपराध नियंत्रण, तकनीकी पुलिसिंग और जनता से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा का माध्यम बना।
निरीक्षण की शुरुआत परेड से हुई, जहां पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों की अनुशासन, सजगता और कार्यकुशलता को परखा। इसके बाद उन्होंने थाना क्षेत्र में सक्रिय गुंडा, निगरानीशुदा और आदतन अपराधियों की गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा मांगा। अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई, उनकी वर्तमान स्थिति और भविष्य की निगरानी व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से सीधे सवाल-जवाब किए गए।
कहा-फरियादी की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई हो
पुलिस अधीक्षक पाण्डेय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। किसी भी संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और महिला अपराधों से जुड़े मामलों में शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की निष्पक्षता और पारदर्शिता ही जनता के विश्वास की सबसे बड़ी आधारशिला है।
डिजिटल पुलिसिंग पर दिया जोर, CCTNS में नहीं चलेगी लापरवाही
निरीक्षण के दौरान SP पाण्डेय की विशेष नजर CCTNS व्यवस्था पर रही। उन्होंने ऑपरेटरों से डेटा अपडेट, लंबित एंट्री और ऑनलाइन रिकॉर्ड की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में डिजिटल रिकॉर्ड की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। एफआईआर दर्ज होने से लेकर चालान पेश होने तक प्रत्येक प्रक्रिया का समय पर ऑनलाइन अपडेट होना जरूरी है, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
अवैध कारोबारियों पर सख्ती के निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने थाना क्षेत्र में अवैध शराब, गांजा और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे कारोबारियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही रात्रिकालीन गश्त को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया, ताकि अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके।
लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण पर जोर
निरीक्षण के दौरान लंबित अपराधों और विवेचनाओं की भी समीक्षा की गई। SP ने सभी विवेचकों से अलग-अलग चर्चा कर गंभीर और संवेदनशील मामलों की प्रगति जानी। उन्होंने निर्देश दिए कि साक्ष्यों का वैज्ञानिक और कानूनी तरीके से संकलन किया जाए तथा फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में तेजी लाई जाए। महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश भी दिए गए।
बेहतर काम करने वालों को मिलेगा सम्मान
थाना स्टाफ से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर उनकी जानकारी और कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया। जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने संतोषजनक जवाब दिए, उनकी सराहना करते हुए पुलिस अधीक्षक ने उन्हें पुरस्कृत करने के निर्देश दिए। इससे पुलिस बल में प्रतिस्पर्धात्मक और सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जनता का भरोसा जीतने पर फोकस
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास जितना मजबूत होगा, कानून व्यवस्था उतनी ही प्रभावी होगी। उन्होंने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि वे आम नागरिकों के साथ संवेदनशील, मित्रवत और जिम्मेदार व्यवहार करें तथा प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने की कवायद
कुल मिलाकर, कोतवाली जांजगीर का यह वार्षिक निरीक्षण केवल अभिलेखों की जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अपराध नियंत्रण, तकनीकी दक्षता, जवाबदेही और जनविश्वास को केंद्र में रखकर पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने की कवायद के रूप में सामने आया।





