रात के अंधेरे में सड़क पर दौड़ रही थी कार… अचानक पुलिस ने रोका, मशीन ने खोला राज! कोर्ट पहुंचा मामला तो लगा ₹10 हजार का जुर्माना
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सड़क पर वाहन चलाते समय छोटी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। पुलिस ने साफ किया है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

शहजाद खान@सक्ती। कंचनपुर मुख्य मार्ग पर उस वक्त स्थिति अचानक बदल गई, जब यातायात पुलिस ने एक वाहन को रोककर चालक की जांच शुरू की। पहली नजर में सब कुछ सामान्य दिखाई दे रहा था, लेकिन पुलिस को शक हुआ तो चालक की जांच के लिए ब्रीथ एनालाइजर मशीन का सहारा लिया गया। मशीन की जांच के बाद जो सामने आया, उसके बाद मामला सीधे न्यायालय तक पहुंच गया।
दरअसल, 29 सितंबर 2026 को यातायात पुलिस की टीम कंचनपुर मुख्य मार्ग पर वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान वाहन क्रमांक CG 22 X 6898 को रोककर चालक खिरोलाल जांगड़े, उम्र 42 वर्ष, निवासी बैजनाथ थाना कसडोल, जिला बलौदाबाजार की जांच की गई। पुलिस ने जब शराब सेवन की जांच की तो चालक के शराब पीकर वाहन चलाने की बात सामने आई।

इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चालक के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई की। मामला केवल वाहन जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रकरण न्यायिक मजिस्ट्रेट, सक्ती न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
न्यायालय में मामले की सुनवाई के बाद चालक को धारा 185 के तहत दोषी पाया गया। इसके बाद न्यायालय ने चालक पर ₹10,000 का अर्थदंड लगाया। यानी सड़क पर कुछ समय के लिए की गई लापरवाही आखिरकार जेब पर भारी पड़ गई।
ब्रीथ एनालाइजर बना पुलिस का ‘राज खोलने वाला’ हथियार
सक्ती पुलिस द्वारा चलाए जा रहे वाहन जांच अभियान में ब्रीथ एनालाइजर का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों की पहचान करना और संभावित सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है। पुलिस का कहना है कि शराब के नशे में वाहन चलाने से चालक के साथ-साथ सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
पुलिस अधीक्षक सक्ती प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देशन में जिले में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात नियमों के पालन को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यातायात प्रभारी वाय.एन. शर्मा के मार्गदर्शन में सउनि. सुरेंद्र सिंह, संदीप और दिलेश्वर द्वारा की गई कार्रवाई के बाद यह मामला न्यायालय तक पहुंचा।
एक जांच, एक मशीन और ₹10 हजार का सबक
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सड़क पर वाहन चलाते समय छोटी-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। पुलिस ने साफ किया है कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
सक्ती पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि शराब का सेवन कर वाहन न चलाएं। सुरक्षित घर पहुंचना केवल चालक की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सड़क पर मौजूद हर व्यक्ति की सुरक्षा से जुड़ा मामला है। पुलिस का अभियान इसी उद्देश्य के साथ जारी है—सड़क पर नशे की रफ्तार पर ब्रेक और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना।




